कोर्ट ने पूर्वोत्तर के छात्र निदो तानिया मौत मामले में चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। लाजपत नगर इलाके में जनवरी 2014 में कुछ बदमाशों ने बेरहमी से पीटने के बाद प्रथम वर्ष के अरुणाचल प्रदेश के छात्र निदो तानिया की मौत हो गई थी।
छात्र के पिता अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस के तत्कालीन विधायक थे। इस घटना के विरोध में उस समय निकाले गए कैंडल मार्च में राहुल गांधी ने भी हिस्सा लिया था।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने फरमान, पवन, सुंदर और सनी उप्पल को गैर इरादतन हत्या की धारा में दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। अदालत ने फरमान को 10 साल कैद, पवन और सुंदर को 7-7 साल कैद तथा सनी उप्पल को 3 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने इन सब पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन के मुताबिक मोमोज को लेकर दुकानदार से मामूली कहासुनी झगड़े में तब्दील हो गई थी। इस झगड़े में निदो तानिया की लोहे की छड़ और लाठी से पिटाई कर दी गई थी। इस पिटाई की वजह से 20 वर्षीय निदो की मौत हो गई थी।