हरियाणा के गुरुग्राम में आज सुबह दो बड़े हादसे हो गए। पहला हादसा हुआ गुरुग्राम के उल्लावास में जहां एक चार मंजिला इमारत ढह गई। दूसरा हादसा नाथुपुर में हुआ जहां 200 झुग्गियां जल कर खाक हो गईं। इन दोनों मामलों में 9 घंटे बाद भी राहत व बचाव कार्य जारी है। आगे दोनों खबरें विस्तार से पढ़ें...
गुरुग्राम के गांव उल्लावास में बृहस्पतिवार सुबह 4 मंजिला इमारत गिरने से छह परिवारों की खुशियां उजड़ गईं। इसमें फिरोजाबाद के गांव खैरगढ़ नंगला अहमद फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश निवासी 19 वर्षीय मोहित की भी दबने से मौत हो गई। वह फिरोजाबाद से इंटर की पढ़ाई कर रहा था और अगले महीने उसकी परीक्षा थी।
उसके पिता जोगेन्द्र सिंह अपने बेटे का शव देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। जोगेंद्र ने ही अन्य चार लोगों के परिवारों को इस घटना की सूचना दी। सूचना मिलने के बाद ही उनके घरों में भी कोहराम मच गया। उन्होंने बताया कि वह 8 महीने से गुरुग्राम में रहते हैं और निर्माणाधीन कंपनी पॉयनियर में सुरक्षाकर्मी हैं।
उनका बेटा मोहित (19) डेढ़ महीने पहले गुरुग्राम आया था और पायनियर कंपनी में ही बतौर सुरक्षाकर्मी तैनात हुआ था। अगले महीने उसे इंटर की परीक्षा देने के लिए फिरोजबाद जाना था। कुछ समय पहले ही उसकी शादी पक्की की थी। मार्च में शादी थी, उसे लेकर वह काफी उत्साहित था।
उन्होंने बताया कि सुबह जब 5.10 बजे सूचना मिली तो वह दौड़े चले आए। मोहित के मोबाइल पर अनेक फोन किए, लेकिन फोन नहीं मिला। जिससे उनका मन काफी विचलित हो रहा था। बचाव कार्य शुरू होने के बाद जैसे-जैसे मलबा हटा और टीम ने करीब एक मंजिल का मलबा हटाया तो साढ़े 9 बजे उसके फोन पर घंटी जाने लगी।
इस पर उन्हें थोड़ी आस जगी कि हो सकता है कि इस दबी हुई इमारत में उनका बेटा बच जाए। अधिकारियों से जल्द से जल्द उनके बेटे को निकालने की अपील करने लगे। दोपहर करीब 1 बजे तक जब उनके बेटे का कोई पता नहीं लगा तो उन्होंने आस छोड़ दी।
इसके बाद बचाव टीम ने जब एक व्यक्ति के पता लगने की बात कही तो उन्हें थोड़ी आस बंधी, लेकिन जब चिकित्सकों ने उसकी जांच की तो वह मृत मिला। वह तब फूट-फूटकर रोने लगे। इसकी सूचना उन्होंने अपने रिश्तेदार को देकर नोएडा से गुरुग्राम बुलाया, जो उन्हें हिम्मत देता रहा।