द्वारका जिले के पालम विहार में मंगलवार रात एक बिल्डिंग में दो एलपीजी सिलिंडर फट गए। धमाकों से पूरा क्षेत्र दहल गया। हादसे में दो महिलाओं के अलावा चार अन्य लोग बुरी तरह हताहत गए। दो घायलों व चार झुलसे लोगों को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां से तीन को सफदरजंग रेफर कर दिया गया।
पड़ोसियों का कहना है कि चौथी मंजिल में आग लगने के बाद वहां छोटा सिलिंडर फटा, जिसके बाद आग तीसरी मंजिल पर पहुंच गई। यहां बड़ा सिलिंडर फटा तो आसपास की कई इमारतें हिल गईं। धमाका इतना जबरदस्त था कि तीसरी मंजिल की खिड़की दरवाजे, यहां तक सामने लगी लोहे की रेलिंग उखड़कर पड़ोसी के मकान पर जा गिरी।
सूचना मिलते ही द्वारका साउथ थाना पुलिस के अलावा दमकल की चार गाड़ियां पहुंच गईं। आग को कुछ ही देर बाद बुझा लिया गया। मौके पर क्राइम टीम के अलावा एफएसएल को भी बुला लिया गया। टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। शुरुआती जांच के बाद पुलिस इमारत में एक ही सिलिंडर फटने की बात कर रही है। मामले की जांच जारी है। हादसा पालम विहार में मणिपाल अस्पताल के पीछे एक इमारत में हुआ। यहां इमारत नंबर आरजेड-59 के चार मंजिला मकान में चार भाई अपने-अपने परिवारों के साथ रहते हैं। 100 गज के मकान में ग्राउंड फ्लोर पर सत्यनारायण (62) और उनका परिवार रहता है।
पहली मंजिल पर गोविंद, उनकी पत्नी त्रिवेणी रहती हैं। दूसरी मंजिल पर शीतल और पत्नी सविता रहती हैं, जबकि तीसरी मंजिल पर राधे श्याम (48) और पत्नी चंद्रा (45) और चौथी मंजिल पर इनके किरायेदार बुजुर्ग रामभरोसे (72), इनके बेटे अनिल (43) व अन्य लोग रहते हैं। घर के आगे सड़क और पीछे गली है।
खबर मिलते ही भागे-भागे घर पहुंचे
मंगलवार को गोविंद और शीतल का परिवार एक जानकार की रिटायरमेंट पार्टी में गया हुआ था। राधे श्याम और चंद्रा भी किसी काम से बाहर गए थे। घर में ग्राउंड फ्लोर पर सत्यनारायण और चौथी मंजिल पर रामभरोसे और उनका बेटा अनिल था। इस बीच रात 9.30 बजे चौथी मंजिल पर आग लगी और छोटा सिलिंडर फट गया। हादसे के बाद दोनों बुरी तरह झुलस गए। आग तीसरी मंजिल पर भी आ गई। इस बीच सूचना मिलने के बाद राधे श्याम और चंद्रा भागे-भागे घर पहुंचे, तब तक घर में आग लग चुकी थी। जैसे ही वह अपनी फ्लोर पर पहुंचे, तो फ्लैट में धमाका हो गया। हादसे में राधे श्याम और चंद्रा भी झुलस गए।
सिर पर ईंट लगने से 12 टांके आए
शोर सुनकर ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले सत्यनारायण ऊपर की ओर भागे। अभी वह पहली मंजिल पर ही पहुंचे थे कि सिलिंडर में धमाका हो गया। वह लड़खड़ाकर गिर गए और उनके एक हाथ और पैर में फ्रेक्चर हो गया। वहीं इमारत की एक दीवार गिर गई जिसका मलबा पीछे गली में गया। एक ईंट से महिला जख्मी हो गई। ईंट लगने से महिला के सिर में 12 टांके लगे हैं। पुलिस व क्राइम टीम हादसे की वजहों का पता लगा रही है।
बुरी तरह सहमे पड़ोसी
पड़ोस की बिल्डिंग में रहने वाले सर्वेश कुमार ने बताया कि हादसे के समय वह घर पर नहीं थे। इस बीच उनकी पत्नी का कॉल आया। पत्नी ने बताया कि पड़ोस की इमारत में एक के बाद एक दो धमाके हुए हैं। बाद में पड़ोसी के घर सिलिंडर फटने का पता चला।