अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।अलीपुर थाना क्षेत्र में हिरंकी गांव के पास यमुना नदी में नहाने उतरे पांच एनसीसी कैडेटों में से चार तेज बहाव में बह गए। करीब 24 घंटे बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला है। एनडीआरएफ, दमकल विभाग, बोट क्लब के गोताखोर और स्थानीय प्रशासन लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। घटनास्थल पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बच्चों के मिलने की आस लगाए नदी किनारे डटे हैं।
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त शोभित डी. सक्सेना ने बताया कि रविवार शाम 7:46 बजे सूचना मिली थी कि यमुना में चार किशोर डूब गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस हिरंकी गांव के पास ठोकर नंबर-24 पहुंची, जहां 14 वर्षीय लक्की मिला। उसने बताया कि वह और उसके चार दोस्त-राहुल, अंशु, सौरव और अमनदीप इब्राहिमपुर गांव के रहने वाले हैं। वे कादीपुर के सरकारी स्कूल में दसवीं कक्षा के छात्र और एनसीसी कैडेट हैं।
लक्की के अनुसार, सभी दोस्त घूमने के लिए यमुना किनारे पहुंचे थे। वहां चारों ने नदी में नहाने का फैसला किया, जबकि उसने पानी में उतरने से मना कर दिया। कुछ ही देर बाद तेज बहाव में चारों का संतुलन बिगड़ गया और वे बहने लगे। उसने शोर मचाया तो आसपास खेतों में काम कर रहे लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक चारों तेज धारा में ओझल हो चुके थे।
सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल एनडीआरएफ, दमकल विभाग, बोट क्लब के गोताखोर, क्षेत्रीय एसडीएम और एंबुलेंस को मौके पर बुलाया। सभी एजेंसियां लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। पुलिस के अनुसार, नदी में कई किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन जारी है और स्थानीय पुलिस बचाव एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए हुए है।
घटना के बाद चारों किशोरों के परिवारों में मातम पसरा है। परिजन घटनास्थल पर ही डेरा डाले हुए हैं और रेस्क्यू टीम की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। बीच-बीच में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो जाता है।
घूमने निकले, फिर नहीं लौटे चार दोस्त
लापता अमनदीप (15) इब्राहिमपुर गांव में अपने माता-पिता, भाई और छह बहनों के साथ रहता है। उसके पिता महेंद्र सिंह एमसीडी में कार्यरत हैं। बड़े भाई उदय ने बताया कि रविवार शाम अमनदीप दोस्तों के साथ घूमने की बात कहकर घर से निकला था। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वह करीब साढ़े चार किलोमीटर दूर यमुना किनारे पहुंच जाएगा। राहुल, अंशु और सौरव भी अपने-अपने परिवारों के साथ इब्राहिमपुर में रहते हैं और सभी एक ही स्कूल में पढ़ते थे।
पत्थर का सहारा छूटा, तेज धारा में समा गए चारों
प्रत्यक्षदर्शी लक्की ने बताया कि चारों दोस्त नदी में उतरने के बाद किनारे के पास पड़े पत्थरों को पकड़कर खड़े थे। अचानक उनका हाथ फिसल गया और तेज बहाव उन्हें अपनी चपेट में ले गया। कुछ क्षण तक वे पानी में संघर्ष करते दिखाई दिए, लेकिन देखते ही देखते धारा में बहकर आंखों से ओझल हो गए। इसके बाद उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया।
नदी किनारे टिकी हैं अपनों की उम्मीदें
हादसे की सूचना मिलते ही चारों किशोरों के परिवार मौके पर पहुंच गए। पिछले 24 घंटे से परिजन नदी किनारे बैठे रेस्क्यू अभियान पर नजर लगाए हैं। हर गुजरते पल के साथ उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही है और सभी को अपने बच्चों के मिलने की उम्मीद है।