इंसान की फितरत है कि वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए किसी भी हद से गुजर जाता है। दिल्ली की चार नाबालिग लड़कियों ने भी ऐसा ही किया। बॉलीवुड फिल्म अभिनेत्री बनने का सपना लेकर वह अपने घरों से भाग तो गईं, लेकिन मुंबई पहुंचने से पहले ही उन्हें तंगहाली ने घेर लिया। ख्वाहिशें मिटती देखकर चारों ने वापस घर लौटने का फैसला लिया। दिल्ली महिला आयोग और पुलिस ने चारों लड़कियां सूरत से सकुशल बरामद कर ली हैं। गनीमत रही कि इस दौरान वह किसी गलत इंसान के चंगुल में नहीं फंसीं।
महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाती मालीवाल ने बताया कि 3 जुलाई को दिल्ली के किराड़ी इलाके से चार लड़कियां अचानक अपने घरों से गायब हो गई थी। इनके माता-पिता ने प्रेम नगर पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद दिल्ली महिला आयोग की महिला पंचायत से संपर्क किया।
महिला आयोग को पीड़ितों ने बताया कि घर से जाने वाली लड़कियों में दो सगी बहन हैं, जिनकी उम्र 17 और 15 साल है। अन्य दो लड़कियां भी इनके पड़ोस में रहती हैं। महिला पंचायत की मेंबर इंचार्ज फिरदौस खान ने मामले को दिल्ली पुलिस के समक्ष रखा। इसके बाद दिल्ली पुलिस और दिल्ली महिला आयोग की एक संयुक्त टीम गठित की गई। माता-पिता ने उन्हें बताया कि लड़कियां हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से मुंबई जाने वाली ट्रेन में सवार हुई थीं। सीसीटीवी फुटेज से इसका पता चला।
इसके बाद मुंबई पुलिस को लड़कियों की फोटो भेजी गई। इसी बीच लड़कियों के सोशल मीडिया अकाउंट पर किसी अंजान शख्स के साथ लड़कियों की फोटो अपलोड हुई थी। 19 जुलाई को लड़कियों ने अपने माता-पिता को फोन करके बताया वे सूरत में हैं और वापस घर आना चाहती हैं। वे मुंबई जाते हुए बीच में ही ट्रेन से सूरत में उतर गई थीं। एक व्यक्ति ने उनकी मदद करते हुए उन्हें अपने घर में सुरक्षित रखा है। पता लगने पर महिला आयोग की टीम और पुलिस ने सूरत से लड़कियों को सकुशल बरामद कर लिया। घर पहुंचने पर लड़कियों ने बताया कि वे बॉलीवुड अभिनेत्री बनना चाहती थीं। इसलिए घर से किसी को बगैर बताए चली गई थीं। महिला आयोग द्वारा इन लड़कियों को अंजान लोगों पर भरोसा नहीं करने की हिदायत दी गई है।