सेक्टर-7 ए में बदमाशों ने शुक्रवार देर रात रेडियोलॉजिस्ट, उनकी पत्नी और बेटी व दामाद की चाकू से गोदकर और गला रेतकर हत्या कर दी। पड़ोसियों को इस बारे में शनिवार दोपहर को पता लगा। सुबह से ही परिवार के किसी सदस्य को नहीं देखने और कुत्ते के लगातार भौंकने व टीवी की तेज आवाज के कारण पड़ोसियों को शक हुआ।
पड़ोसियों की सूचना पर शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि घर में खून से लथपथ चार लाशें पड़ी थीं। वारदात में पुलिस को किसी जानकार का हाथ होने का संदेह है। पुलिस के मुताबिक ऐसा लग रहा है कि हत्यारे का मकसद लूटपाट करना नहीं था। पुलिस ने बताया कि मकान नंबर-19 निवासी डॉ. प्रवीण मेहंदीरत्ता (65 वर्ष) रेडियोलॉजिस्ट थे।
उन्होंने अपने घर के बेसमेंट में ही एक्स-रे मशीन लगा रखी थी। उनकी पत्नी भारती उर्फ सुदेश मेहंदीरत्ता (58 वर्ष) एक निजी स्कूल में अध्यापिका थीं, जो हाल ही में सेवानिवृत्त हुई थीं। डॉ. मेहंदीरत्ता की बेटी प्रियंका (32 वर्ष) की पांच साल पहले मेरठ निवासी सौरभ कटारिया (35 वर्ष) से शादी हुई थी। प्रियंका नोएडा स्थित एचसीएल कंपनी में नौकरी करती थी, जबकि सौरभ गुरुग्राम स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। दोनों गाजियाबाद स्थित वैशाली में रहते थे।
परिजनों के अनुसार, सप्ताह के अंत में बेटी और दामाद फरीदाबाद आ जाते थे और रविवार शाम को लौटते थे। शुक्रवार रात को भी दोनों करीब 11.30 बजे आए थे। डॉ. मेहंदीरत्ता का एक बेटा दर्पण (27) है जो गुरुग्राम की ही एक निजी कंपनी में काम करता है। बेटे की ज्यादातर नाइट शिफ्ट रहती थी। ऐसे में शुक्रवार को वह भी रात करीब साढ़े 9 बजे अपनी ड्यूटी पर चला गया। वह शनिवार दोपहर बाद पड़ोसियों से सूचना मिलने पर लौटा। घर के हॉल में प्रियंका और सौरभ के शव थे। बेडरूम में भारती मेहंदीरत्ता और बेसमेंट में स्थित एक्सरे रूम में डॉ. प्रवीण का शव पड़ा था।
कुत्ते को कमरे में बंद कर दिया था
डीसीपी क्राइम राजेश गर्ग के अनुसार, पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरे में रात करीब 10.30 बजे एक व्यक्ति स्कूटी पर वहां आता दिख रहा है। इसके बाद 11.30 बजे प्रियंका और सौरभ आए थे। उनके आने के आधे घंटे बाद करीब 11.56 बजे स्कूटी वाला शख्स वापस जाता हुआ दिख रहा है।
पुलिस के अनुसार, प्रियंका और सौरभ की घर में दाखिल होते ही हत्या कर दी गई थी। पुलिस का मानना है कि हत्यारा जानकार था। इसी कारण उसने कुत्ते को भी एक कमरे में बंद कर दिया था।