फरीदाबाद के सुनपेड गांव में मंगलवार की सुबह चार बजे दबंगों ने एक ही दलित परिवार के चार लोगों को जिंदा जला दिया। घायलों में दो की मौत हो गई जबकि बाकी दो की हालत गंभीर है।
घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया और गुस्साए लोग सड़क पर आ गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फरीदाबाद के पुलिस कमीश्नर मौके पर मौजूद हैं।
बताया जा रहा है कि घटना के समय पूरा परिवार सो रहा था। उसी वक्त दबंगों ने घर में घुस कर चारों पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। दलित परिवार में एक साल की बेटी और चार साल का बेटा था।
सूचना मिलते ही चारों घायलों को फरीदाबाद में ही एक अस्पताल ले जाया गया लेकिन, घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल भेज दिया गया।
इस बीच मामले की गंभीरता को देखते हुए गृहमंत्री ने तुरंत ही इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बात की और उन्हें चेतावनी दी है कि ऐसे मामले दोबारा न हों।
बदले के लिए जलाया पूरा परिवार
इस दलित परिवार में दीपेंद्र अपनी पत्नी वीना और दो बच्चों बेटी दिव्या और चार साल के बेटे वैभव के साथ घर में मौजूद था। घटना में दीपेंद्र के दोनों बच्चों की मौत हो गई।
महिला की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। मामले के बारे में पुलिस का कहना है कि गांव के ही एक अन्य परिवार से दीपेंद्र के परिवार का झगड़ा चल रहा था।
दोनों परिवारों में पिछले एक साल से तनाव था। दीपेंद्र का भाई इस विवाद के चलते अभी भी जेल में है। पुलिस का कहना है कि यह कोई जातीय झगड़ा नहीं बल्कि व्यक्तिगत दुश्मनी का परिणाम है।
हालांकि इस घटना के बाद पूरे गांव के लोग विरोध में सड़क पर आ गए। जिले के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। फिलहाल गांव में तनाव है लेकिन, स्थिती नियंत्रण में बताई जा रही है।
पहले भी हो चुकी है तीन हत्याएं
दलित परिवार पर हमले की खबर मिलते ही हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस मामले में अधिकारियों से पूरी जानकारी ली है। इस घटना के पल-पल के घटनाक्रम पर सीएम ऑफिस नजर बनाए हुए है।
असल में दीपेंद्र और इसी गांव में रहने वाले ठाकुर परिवार का पुराना विवाद रहा है। इससे पहले भी इस विवाद में तीन लोगों की हत्या हो चुकी है। इस मामले में दीपेंद्र का भाई पहले ही जेल में है।
पुलिस ने मंगलवार को हुई घटना के संबंध में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस बीच गांव वालों का आरोप है कि पुलिस ने अगर सतर्कता बरती होती तो चार लोगों को जिंदा जलाने की घटना को रोका जा सकता था।
गांव वालों की मांग है कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिकर्मियों को बर्खास्त किया जाए।