दिल्ली के हाई-प्रोफाइल इलाके मोती बाग में रह रहे एक पूर्व आईपीएस अधिकारी के आवास पर काम करने वाले बीएसएफ के चार जवान कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। उनके साथ ही मध्यप्रदेश पुलिस का एक सिपाही भी कोरोना संक्रमित पाया गया है।
सूत्रों का कहना है कि इन सभी कर्मियों को एक गाड़ी में बैठाकर एमपी पूल आरके पुरम में भेजा गया है। मध्यप्रदेश कॉडर के 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे संजीव कुमार सिंह, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस चैलेंज को स्वीकार किया था, जिसमें मोदी ने 40 साल के ऊपर के आईपीएस अधिकारियों को फिटनेस चैलेंज दिया था।
वे इस साल फरवरी में बीएसएफ से बतौर एडीजी रिटायर हुए थे, लेकिन सेवानिवृति के बावजूद उनके आवास पर चार बीएसएफ जवान और एक मध्यप्रदेश पुलिस का सिपाही तैनात था।
रिटायर होने के बाद भी पूर्व अधिकारी के आवास पर पांच
सरकारी कर्मी किस हैसियत से काम रहे थे, इस बाबत सब मौन साधे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, पूर्व आईपीएस ने बीएसएफ में रहते हुए इन जवानों को अपने आवास पर तैनात कराया था। उसके बाद किसी की हिम्मत नहीं हुई कि उनके आवास से बीएसएफ कर्मियों को वापस अपनी ड्यूटी पर बुला सके।
सूत्रों ने बताया कि इन सभी जवानों को काम के सिलसिले में इधर-उधर भेजा जाता था। जब ये लोग घर का सामान लेने बाहर गए तो इन्हें भी कोरोना संक्रमण हो गया। ये जवान कई बार ऐसे इलाकों में भी गए थे, जहां कोरोना संक्रमण के चलते सामान्य व्यक्ति की आवाजाही पर बैन लगा था।
इनमें से दो जवानों की तबीयत कई दिन से खराब चल रही थी। बाद में दूसरे दोनों जवानों को भी बुखार हो गया। उनके साथ काम करने वाला मध्यप्रदेश पुलिस का सिपाही भी कोरोना की चपेट में आ गया।
बता दें कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में अभी तक कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या आठ सौ का आंकड़ा पार कर गई है। बीएसएफ में सबसे ज्यादा तीन सौ से अधिक जवान कोरोना संक्रमण से पीड़ित हैं। सीआईएसएफ में 64, एसएसबी में 18, सीआरपीएफ में 236 और आईटीबीपी में कोरोना के 158 पॉजिटिव केस सामने आए हैं।