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फरीदाबाद: चार भाई-बहनों ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, सुसाइड नोट में बताया ये कारण

Sun, 21 Oct 2018 03:29 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, फरीदाबाद
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suicide in faridabad - फोटो : amar ujala
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दयालबाग (सूरजकुंड) स्थित एक फ्लैट में चार भाई-बहनों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। फ्लैट से बदबू आने पर शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे घटना का खुलासा हुआ। पुलिस दरवाजा तोड़कर घर में दाखिल हुई तो अलग-अलग जगह शव पंखे से बंधे फंदे से लटके मिले।

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मृतक इसाई समुदाय से हैं। मौके से मिले सुसाइड नोट में माता, पिता और छोटे भाई की मौत व आर्थिक तंगी के कारण खुदकुशी करने की बात कही है। सुसाइड नोट के आधार पर आत्महत्या 18 अक्तूबर को की गई। फिलहाल पोस्टमार्टम के लिए शवों को बीके सिविल अस्पताल में रखवाया है। 

दयालबाग चौकी प्रभारी रणधीर सिंह ने बताया कि मूलरूप से केरल निवासी जेजे मैथ्यू का परिवार करीब पांच माह पहले सी-31 दयालबाग की अग्रवाल सोसाइटी में किराए पर रहने आया था। इससे पहले यह परिवार पिछले कई सालों से फरीदाबाद में रह रहा था।
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इनके घर के पास में ही एक प्ले स्कूल चलता है। सुबह जब स्कूल प्रबंधन के लोग आए तो वहां तेज बदबू आ रही थी और मैथ्यू परिवार के घर के गेट के बाहर खून फैला था। कुछ ही देर में पुलिस पहुंची और घर में घुसी तो देखा एक कमरे में महिला का शव फंदे से लटका था।

हॅाल में लगे दो पंखों से दो और महिलाओं के शव लटक रहे थे, जबकि पीछे के कमरे में एक युवक का शव लटका मिला। आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद मृतकों की पहचान मीना (42), बीना (40), जया (39) और प्रदीप (37) के रूप में हुई।
 

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पांच माह में परिवार के तीन लोगों की हो चुकी थी मौत

जेजे मैथ्यू व उनकी पत्नी एग्नेस मैथ्यू हरियाणा पर्यटन निगम के पांच सितारा होटल राजहंस में काम करते थे और सेवानिवृत्त हो चुके थे। इनके पांच बेटे-बेटियां थे। पुलिस के अनुसार गत अप्रैल में जेजे मैथ्यू और जुलाई में उनकी पत्नी की मौत हो गई थी।

इसके बाद अगस्त में सबसे छोटे बेटे संजू की भी एक हादसे के बाद मौत हो गई। पांच माह में ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद बेटी मीना, बीना व जया और बेटा प्रदीप तनाव में थे। बीना किडनी के रोगी थी और डायलिसिस पर चल रही थी। 

किसी की शादी नहीं हुई और बेरोजगार भी थे
जांच में पता चला कि जेजे मैथ्यू के किसी बेटे-बेटी की शादी नहीं हुई थी और उनके पास कोई राजगार भी नहीं था। प्रदीप ने कुछ समय के लिए एक फैक्ट्री में काम किया, लेकिन वो अब छोड़ चुका था। माता-पिता की मौत के बाद परिवार की आर्थिक हालत और खराब हो गई थी।

पुलिस ने आसपास के लोगों से बात की, लेकिन इनके किसी रिश्तेदार के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। परिवार सेक्टर-28 स्थित सेंट एंड्रयूज चर्च के पादरी फादर रवि कोटा के संपर्क में था। इस पर पुलिस ने उन्हें बुलवाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। 
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