जनकपुरी थाना पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इसमें दो महिलाएं शामिल हैं। इनके कब्जे से पुलिस ने 148 पासपोर्ट, 13 मोबाइल और ठगी के पैसों से खरीदी गई एक कार जब्त की है।
जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि आरोपियों की पहचान पटियाला (पंजाब) निवासी इशप्रीत सिंह, पटियाला निवासी करण कुमार, उत्तम नगर निवासी पलक सचदेवा और पटियाला निवासी आकांक्षा के रूप में हुई है। पुलिस पांचवें आरोपी काका की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
जनवरी में राजस्थान निवासी विजय ने जनकपुरी थाने में ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में उसने बताया कि 17 जनवरी को उसने एक विज्ञापन देखा था, जिसमें लिखा था कि जनकपुरी स्थित ब्लॉक स्टोन इमिग्रेशन सर्विस नाम की एजेंसी लोगों को कनाडा में नौकरी दिलाती है। वह एजेंसी में जाकर कर्मचारियों से मिला। कर्मचारियों ने उससे इसकी एवज में सवा लाख रुपये और पासपोर्ट लिया। बाद में पता चला कि कर्मचारी एजेंसी बंद कर फरार हो गए हैं।
पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस को पता चला कि आरोपी 200 लोगों से 60 से 80 लाख रुपये की ठगी कर फरार हुए हैं। पुलिस टीम ने एजेंसी के नंबरों की जांच की। पता चला कि सभी नंबर फर्जी पते पर लिए गए थे। तकनीकी जांच और मुखबिरों से पुलिस को पता चला कि सभी आरोपी पंजाब भाग गए हैं। पुलिस ने जांच करते हुए सभी आरोपियों को जीरकपुर और पटियाला से गिरफ्तार कर लिया।