द्वारका जिले की वाहन चोरी निरोधक शाखा ने सोमवार रात मुठभेड़ के बाद कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी बदमाश जमानत अवधि खत्म होने के बावजूद फरार चल रहे थे।
इनमें से एक बदमाश द्वारका में हुई प्रॉपर्टी डीलर की हत्या में वांछित है। बदमाशों के पास से पुलिस ने चार पिस्टल, 23 कारतूस, लूटी गई फॉर्च्यूनर कार और बुलेट बरामद की है।
जिला पुलिस उपायुक्त ऐंटो अल्फोंस ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों की पहचान नजफगढ़ निवासी गुलशन खाती, अमित गुलिया, किशन कुमार और झज्जर, हरियाणा निवासी अमित के रूप में हुई है।
गुलशन नजफगढ़ थाने का घोषित बदमाश है और उस पर हत्या, हत्या का प्रयास, लूटपाट व आर्म्स एक्ट के दस मामले दर्ज हैं। अमित गुलिया बाबा हरिदास नगर थाने का घोषित बदमाश है और उस पर 12 मामले दर्ज हैं।
हरिदास नगर का घोषित बदमाश किशन कुमार बाबा पर नौ मामले दर्ज हैं। अनिल पर बहादुरगढ़ में हत्या का मामला दर्ज हैं, जिसमें उसे सजा हो चुकी है। वह पेरोल पर जेल से निकला था। उस पर तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। सोमवार शाम निरीक्षक रामकिशन को सूचना मिली कि चार बदमाश सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार से छावला इलाके में घूम रहे हैं।
पुलिस टीम ने छावला स्टेंड के पास घेराबंदी कर बदमाशों को सरेंडर करने के लिए कहा। लेकिन बदमाश पुलिस टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस ने लोगों को बचाते हुए जवाबी कार्रवाई की और चारों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कुछ दिन पहले उगाही के मामले में नंदू गैंग के बदमाश विक्की यादव को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ में उगाही करने वाले कई बदमाशों के नाम सामने आए थे। इसी बीच 24 सितंबर को बदमाशों ने प्रॉपर्टी डीलर नरेंद्र की हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने नकुल सांगवान को गिरफ्तार किया था।
हत्या की वारदात में अमित गुलिया के शामिल होने की बात सामने आई थी। उसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस ने बताया कि गुलशन खाती ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीसीए की पढ़ाई की है। कैंपस में रहने के दौरान वह बदमाशों के संपर्क में आकर वारदात को अंजाम देने लगा।