नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने आपसी झगड़े और हत्या के प्रयास के मामले में सजा पर फैसला सुनाते हुए कहा कि सजा इतनी कठोर नहीं होनी चाहिए कि दोषी में सुधार की संभावना खत्म हो जाए। आठ जून को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सैयद जिशान अली वारसी ने साहिल, सनी, कपिल और शिवम को चार साल छह महीने की सश्रम कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। 7 जनवरी, 2021 को सागरपुर पुलिस थाना क्षेत्र में चारों दोषियों ने पीड़ित उस्मान को चाकू मारकर घायल कर दिया था। पिता के हस्तक्षेप से उसकी जान बच सकी। ब्यूरो