सुनपेड़ गांव में दो बच्चों को जिंदा जलाए जाने के मामले में जेल में बंद चार आरोपियों को पंचकूला सीबीआई कोर्ट से जमानत मिल गई है।
मंगलवार शाम को आरोपियों को रिहा कर दिया गया। सूत्रों की मानें तो सीबीआई 90 दिनों के अंदर चालान पेश नहीं कर पाई, जिसके कारण कोर्ट ने आरोपियों को जमानत दे दी।
ज्ञात हो कि गांव सुनपेड़ निवासी जितेंद्र के घर में 19-20 अक्टूबर की मध्यरात्रि आगजनी की घटना हुई थी। इस घटना में जितेंद्र के बेटे और बेटी की मौत हो गई थी।
जबकि उनकी पत्नी रेखा झुलस गई थी। इस केस को राज्य सरकार की संस्तुति पर जांच के लिए सीबीआई को सौंपा गया था। 23 अक्टूबर को सीबीआई की क्राइम ब्रांच-3 की टीम ने जितेंद्र के बयान पर गांव के ही 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
नामजद आरोपियों में जितेंद्र का पड़ोसी एदल, जगत, जोगिंद्र, नौनिहाल, देशराज, आकाश, अमन, संजय, करतार, बलवंत, धर्म और एक नाबालिग शामिल है। इनके खिलाफ आगजनी, हत्या, एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज था। मंगलवार को आरोपी पक्ष के तरफ से पंचकूला कोर्ट में जज भावना जैन की अदालत में जमानत की अर्जी लगाई गई।
अर्जी में 90 दिन तक सीबीआई द्वारा चालान पेश न करने की दलील दी। जिस पर अदालत ने बलवंत, धर्मसिंह, करतार और संजय को जमानत दे दी।