संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
साकेत कोर्ट ने हत्या की कोशिश के मामले में चार आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा, क्योंकि मामले के मुख्य गवाह अपने ही बयानों से मुकर गए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी की अदालत ने अरविंद कुमार, करण सिंह, खुर्रम और मोहम्मद नूर जमाल को आरोपों से मुक्त कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता और घायल गवाहों सहित सभी प्रमुख गवाहों ने अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं किया। अदालत के अनुसार, शिकायतकर्ता मोहम्मद इमरान तथा गार्ड के रूप में काम करने वाले घायल गवाह इकबाल, शहजाद और रहीस को होस्टाइल घोषित करना पड़ा, क्योंकि वह आरोपियों की पहचान करने और उनकी भूमिका बताने में लगातार विफल रहे।