नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ यूनानी मेडिसिन का शुक्रवार को केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री श्रीपद येसो नाइक और केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने शिलान्यास किया। कमला नेहरूनगर में बनने वाला यह राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान लगभग 300 करोड़ की लागत से 10 एकड़ में बनाया जा रहा है। एम्स की तर्ज पर बनने वाला यह संस्थान दो साल में बनकर तैयार हो जाएगा।
यूनानी संस्थान में ओपीडी के अलावा 200 बेड का अस्पताल, एक्यूप्रेशर रूम, फिजियोथैरेपी रूम और अन्य सुविधाएं होंगी। इसमें स्टूडेंट्स के लिए रिसर्च की सुविधा सहित लड़के, लड़कियों के लिए हॉस्टल की भी व्यवस्था होगी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री श्रीपद येसो नाइक व विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने किया। इस मौके पर मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि मोदी सरकार की पहल पर आयुष मंत्रालय 2014 में बना था।
यह अस्पताल नार्थ इंडिया का सबसे बड़ा संस्थान होगा, जो देश की पारंपरिक चिकित्सा पद्घति को बढ़ावा देने में अग्रणी होगा। देश ही नहीं दुनिया के 12 देशों में भी आयुष मंत्रालय की ओर से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का प्रचार- प्रसार किया जा रहा है। इसमें पोस्ट ग्रेजुएशन से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई भी होगी। पूर्व जनरल वीके सिंह ने कहा कि जिले का सौभाग्य है कि इसको इतनी बड़ी सौगात मिली है।
एम्स की तर्ज पर बनने वाले इस अस्पताल में आईसीयू, ओटी, मेटरनिटी डिपार्टमेंट, ब्लड बैंक, एमआरआई, सीटी स्कैन, पैथोलॉजी, इमरजेंसी क्लासरूम सहित कई सुविधाएं होंगी। यह संस्थान राष्ट्रीय संस्थान ऑफ यूनानी मेडिसिन बंगलूरू का विस्तारीकरण है। इस दौरान आयुष मंत्रालय से प्रमोद कुमार पाठक, संस्था के डायरेक्टर आसीम अली, एमए कासमी, सचिव आयुष राजेश अटौरिया, आशु मलिक खान, सहित भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र शिशौदिया, सरदार एसपी सिंह, बलदेव राज शर्मा, जगदीश साधना आदि मौजूद रहे।