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'नोएडा में एक्सप्रेसवे न बनता तो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की बात न होती'

Sun, 15 Jul 2018 08:14 AM IST
एसएस अवस्थी, अमर उजाला, नोएडा
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औद्योगिक शहर नोएडा को यूं ही यूपी का शो विंडो नहीं कहा जाता है, उसके लिए शहर में कई खासियतें भी हैं। मसलन, अब यूपी में एक्सप्रेसवे की होड़ लगी हुई है। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि नोएडा में ही प्रदेश का पहला एक्सप्रेसवे बना था। उसी सीख को आगे बढ़ाते हुए अब नोएडा से लेकर गाजीपुर तक करीब 850 किलोमीटर लंबे अलग-अलग टुकड़ों में बंटे करीब 40 हजार करोड़ रुपये कीमत से बने एक्सप्रेसवे पर सफर का आनंद उठाया जा सकता है। शनिवार को ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया।

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यूपी का पहला एक्सप्रेसवे नोएडा में
दरअसल, 1998 में नोएडा से ग्रेटर नोएडा को जोड़ने के लिए एक्सप्रेसवे का प्रोजेक्ट बना था। नोएडा से ग्रेटर नोएडा परी चौक तक करीब 24 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे 2003 में बनकर तैयार हुआ। प्राधिकरण द्वारा करीब 400 करोड़ रुपये खर्च करके जब एक्सप्रेसवे चालू हुआ तो यह यूपी का पहला 6 लेन का एक्सप्रेसवे था। दिल्ली से ग्रेटर नोएडा जाने में 15 से 20 मिनट का समय लगता है। उस वक्त इसे आश्चर्य माना गया था।

यमुना एक्सप्रेसवे ने तो किस्मत ही बदल दी
यह सच है कि जब नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे बन गया तो प्रदेश सरकार को ख्याल आया कि क्यों न ग्रेटर नोएडा से आगरा तक यमुना एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाए। 2007-12 तक प्रदेश में बसपा सरकार के कार्यकाल में जर्मनी और अमेरिका की संयुक्त टेक्नोलॉजी की मदद से करीब 14 हजार करोड़ की लागत से निजी कंपनी जेपी ने ग्रेटर नोएडा से लेकर आगरा तक 185 किलोमीटर लंबा और 100 मीटर चौड़ा 6 लेन यमुना एक्सप्रेसवे बना दिया। 9 अगस्त 2012 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका उद्घाटन किया था। इस सौगात से नोएडा से लेकर आगरा तक की किस्मत ही बदल गई।

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आगरा से लखनऊ एक्सप्रेसवे इसी कड़ी का हिस्सा
यमुना एक्सप्रेसवे बसपा सुप्रीमो मायावती के कार्यकाल में बनकर तैयार हुआ लेकिन इसके उद्घाटन का मौका सपा मुखिया अखिलेश यादव को मिला था। उन्होंने भी आगे बढ़कर आगरा से लखनऊ तक 302 किलोमीटर लंबा 6 लेन एक्सप्रेसवे तैयार करा दिया। इसे यूपीडा ने करीब 13 हजार करोड़ रुपये खर्च करके बनाया था। अखिलेश ने अपने कार्यकाल में ही 2012-17 में इसे तैयार करा दिया था।

अब पूर्वांचल में भाजपा ने रख दी नींव
पीएम नरेंद्र मोदी व प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ से गाजीपुर तक 341 किलोमीटर लंबे 6 लेन के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की नींव रख दी। इसकी लागत करीब 12 हजार करोड़ रुपये होगी। इसे अब भाजपा सरकार अपने कार्यकाल में बनवाएगी। यानी अब नोएडा से गाजीपुर तक करीब 852 किलोमीटर की दूरी आसानी से तय की जा सकेगी।

जब लड़ाकू जहाज उतरे
यमुना एक्सप्रेसवे पर दो साल पहले जब लड़ाकू विमान ने लैंडिंग की थी तो प्रदेश और देश के लिए बड़ी उपलब्धि थी। इसके बाद आगरा से लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भी लड़ाकू विमानों ने उतरकर इतिहास रच दिया था। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर की साइकिलिंग प्रतियोगिता भी आयोजित हुई है, जो इतिहास में दर्ज हो चुकी है।

सेवानिवृत्त आईएएस, बृजेश कुमार ने कहा कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का पहला एक्सप्रेसवे था। इसकी कल्पना पूरी होने के बाद ही इसे यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़कर पहले आगरा तक, इसके बाद आगरा से लखनऊ एक्सप्रेसवे जोड़ा गया। अब इसे आगे बढ़ाते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का भी शिलान्यास हो गया है। पूरे प्रदेश को इसका लाभ मिलेगा।
(प्राधिकरण के तत्कालीन चेयरमैन ने ही नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे निर्माण कराया था)
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