फोर्टिस अस्पताल समूह ने शनिवार को डेंगू से पीड़ित सात वर्ष की बच्ची के इलाज में दवा मूल्य नियंत्रण नियम का उल्लंघन नहीं किए जाने का दावा किया। फोर्टिस हेल्थकेयर ने बयान जारी कर कहा कि उसने कोई भी दवा अथवा इलाज में काम आने वाली वस्तु खुदरा मूल्य से अधिक दामों में नहीं दी।
यह बयान नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) के उस बयान के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि गुरुग्राम स्थित अस्पताल ने बच्ची के उपचार में दवाइयों और अन्य वस्तुओं पर 1700 फीसदी तक का मुनाफा वसूला था।
बता दें कि बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया था कि एफएमआरआई ने उनसे अधिक कीमत वसूली है। पूरे इलाज का खर्च 16 लाख रुपये आया था लेकिन बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी थी।