हाईकोर्ट ने जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर लगे 10 हजार रुपये जुर्माने के आदेश को शुक्रवार को खारिज कर दिया। जेएनयू प्रशासन के अपीलीय पैनल ने फरवरी 2016 में आयोजित कार्यक्रम के संदर्भ में 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया था। इस आदेश को कन्हैया कुमार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
इस मामले में नौ अन्य छात्रों ने याचिका दायर कर जुर्माना लगाने संबंधी आदेश को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने इन छात्रों के मामले में अंतरिम स्टे लगा दिया है। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल ने कन्हैया के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा, चार जुलाई के जुर्माने के आदेश में कई खामियां हैं और इस पर अमल नहीं हो सकता। इसलिए इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद जेएनयू की ओर से पेश वकील ने कहा कि जेएनयू प्रशासन इस आदेश को वापस लेगा। छात्र नेता की ओर से जिरह करते हुए अधिवक्ता तरन्नुम चीमा ने कहा कन्हैया कुमार पर जुर्माना लगाए जाने का फैसला पूरी तरह गलत है। इसलिए इस आदेश को रद्द किया जाए।
संसद हमले मामले में मौत की सजा पाने वाले अफजल गुरु की तीसरी बरसी पर जेएनयू में नौ फरवरी 2016 को कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान वहां पर भारत के विरोध में नारेबाजी हुई थी।
इस मामले में अनुशासन कमेटी ने कन्हैया कुमार समेत 13 अन्य छात्रों पर जुर्माना लगाने की सिफारिश की थी तथा उमर खालिद को निष्कासित करने का आदेश दिया था। इस आदेश को छात्रों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद अपीलीय पैनल ने दोबारा पड़ताल के बाद जुर्माना लगाया है।