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पूर्व सांसद सैयद शहाबुद्दीन नहीं रहे, निजामुद्दीन के पंज-पीरान कब्रिस्तान में किए गए सुपुर्द-ए-खाक

Sun, 05 Mar 2017 09:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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syed shahabuddin (file photo) - फोटो : अमर उजाला
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पूर्व आईएफएस अफसर और पूर्व सांसद सैयद शहाबुद्दीन का शनिवार सुबह 5:22 बजे नोएडा के जेपी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। सांस लेने में तकलीफ की वजह से वह 18 फरवरी से अस्पताल में भर्ती थे। वह 82 साल के थे।
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शनिवार दोपहर जोहर की नमाज के बाद दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित पंज-पीरान कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस मौके पर उप-राष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी, स्वामी अग्निवेश, सांसद बदरुद्दीन अजमल समेत कई बड़े नेता व पूर्व विदेश सचिव मौजूद रहे। सैयद शहाबुद्दीन ने बाबरी विध्वंस के बाद लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

शहाबुद्दीन के निधन पर ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस-ए-मशावरात के अध्यक्ष नवेद हामिद ने कहा कि देश के मुसलमानों ने अपना एक बड़ा रहनुमा खो दिया है। सैयद शहाबुद्दीन फिलहाल परिवार के साथ पूर्वी दिल्ली स्थित ईस्ट एंड अपार्टमेंट में रहते थे। शहाबुद्दीन के निधन की खबर मिलते ही सभी मुस्लिम संगठनों के लोग तदफीन में शामिल होने के लिए हजरत निजामुद्दीन पहुंचे।
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वह भारत में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव भी रहे

syed shahabuddin (file photo) - फोटो : अमर उजाला
उप-राष्ट्रपति के अलावा पूर्व विदेश सचिव मुचकुंद दूबे, सलमान हैदर, मिल्ली काउंसिल के महासचिव डॉ. मंजूर आलम समेत कई लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

सैयद शहाबुद्दीन का जन्म 4 नवंबर 1935 को झारखंड के रांची में सैयद निजामुद्दीन के यहां हुआ था। शहाबुद्दीन का चयन भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) में हो गया। वह भारत में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव भी रहे।

इसके बाद उन्होंने अपना कदम राजनीति में बढ़ाया। वर्ष 1979 से 1996 तक शहाबुद्दीन तीन बार सांसद रहे। वर्ष 1989 में उन्होंने इंसाफ पार्टी की स्थापना की। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शाह बानो केस और बाबरी मस्जिद गिराए जाने का पुरजोर विरोध किया।

सैयद शहाबुद्दीन वर्ष 2004 से 2007 तक ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस-ए-मुशावरात के अध्यक्ष भी रहे। इसके अलावा उन्होंने कई अन्य मुस्लिम संस्थानों में भी अपना योगदान दिया। लंबे समय से वह सक्रिय राजनीति से दूर थे।
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