पूर्व आईएफएस अफसर और पूर्व सांसद सैयद शहाबुद्दीन का शनिवार सुबह 5:22 बजे नोएडा के जेपी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। सांस लेने में तकलीफ की वजह से वह 18 फरवरी से अस्पताल में भर्ती थे। वह 82 साल के थे।
शनिवार दोपहर जोहर की नमाज के बाद दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित पंज-पीरान कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस मौके पर उप-राष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी, स्वामी अग्निवेश, सांसद बदरुद्दीन अजमल समेत कई बड़े नेता व पूर्व विदेश सचिव मौजूद रहे। सैयद शहाबुद्दीन ने बाबरी विध्वंस के बाद लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
शहाबुद्दीन के निधन पर ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस-ए-मशावरात के अध्यक्ष नवेद हामिद ने कहा कि देश के मुसलमानों ने अपना एक बड़ा रहनुमा खो दिया है। सैयद शहाबुद्दीन फिलहाल परिवार के साथ पूर्वी दिल्ली स्थित ईस्ट एंड अपार्टमेंट में रहते थे। शहाबुद्दीन के निधन की खबर मिलते ही सभी मुस्लिम संगठनों के लोग तदफीन में शामिल होने के लिए हजरत निजामुद्दीन पहुंचे।