पूर्व अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मोहित टोकस और नाइजीरियन युवक गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
चितरंजन पार्क (सीआर पार्क) थाना पुलिस ने ठग गिरोह का पर्दाफाश कर पूर्व अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मोहित टोकस और एक नाइजीरियाई को गिरफ्तार किया है। नाइजीरियाई गिरोह का सरगना था, जबकि बॉक्सर बैंक खातों से पैसे निकालता था। इन्होंने फर्जी आईडी से बैंक खाते खुलवा रखे थे। इनके खिलाफ मणिनगर अहमदाबाद गुजरात में मामला दर्ज है। दिल्ली पुलिस ने गुजरात पुलिस को सूचना दे दी है। शुरुआती जांच में पता लगा है कि ये 40 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुके हैं।
दक्षिण जिला डीसीपी विजय कुमार ने बताया कि एम-ब्लाक, ग्रेटर कैलाश-दो में स्थित सेंटल बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर सुनील वर्मा ने सूचना दी कि अर्जुन राणा एंटरप्राइजेज नाम से खुले खाते से नौ लाख 50 हजार रुपये निकालने एक युवक आया है। यूनाइटेड बैंक से खाते के डेबिट कार्ड को फ्रीज करने का आवेदन पहले ही आ चुका है। इस पर थानाध्यक्ष एके सिंह की देखरेख में एसआई अविनाश व राजेश वर्मा की टीम ने बैंक से मोहित टोकस उर्फ अर्जुन राणा उर्फ विशाल उर्फ विशाल टोकस को पकड़ लिया। जांच में पता लगा कि कुछ लोग बैंक खातों को हैक कर पैसे दूसरे खातों में ट्रांसफर करते हैं। इस तरह कनकारिया महिनगर नागरिक सहकारी बैंक लि. से दस लाख रुपये अर्जुन राणा एंटरप्राइजेज में ट्रांसफर किए गए हैं। इसका बैंक खाता एचडीएफसी बैंक में है।
अर्जुन ने बताया कि वह गिरोह के लिए काम करता है। सरगना नाइजीरियन इम्मा डोजई ओसिउकू उर्फ जैक (40) है। अर्जुन की निशानदेही पर जैक को लाजपत नगर से गिरफ्तार कर लिया गया। जैक बैंक खातों को हैक कर रकम फर्जी आईडी से खुलवाए गए खातों में ट्रांसफर करता था। वहां से तीसरे खाते में पैसे ट्रांसफर होते थे। अर्जुन तीसरे खाते से पैसे निकालता था। जैक ऐसे भारतीय युवकों की तलाश करता था, जो गलत संगत में पड़ गए हों और उन्हें पैसे की जरूरत हो। अर्जुन का असली नाम मोहित टोकस है। उसने कई नामों से फर्जी आईडी से बैंक खाते खुलवा रखे थे। मोहित एक समय बॉक्सर था। वह स्कूल, राज्य और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुका है। आरोपियों के कब्जे से दस डेबिट कार्ड और तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। अर्जुन ने बताया कि उनका भी बॉस कोई और है और उसे डॉन कहा जाता है। उसी के कहने पर वह बैंक से पैसे निकालने जाता था।