कमेटी ने नोएडा की शिव नादर यूनिवर्सिटी, हरियाणा की अशोक यूनिवर्सिटी, ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी और सत्य भारती यूनिवर्सिटी, तेलंगाना की इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ साइंसेज, इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन सैटलमेंट बंगलूरू, ओडिशा की कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, क्रिया यूनिवर्सिटी श्री सिटी आंध्र प्रदेश, अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी बंगलूरू, जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी, वीआईटी विल्लूर तमिलनाडु, अमृता विश्व विद्यापीठम कोयंबतूर का नाम शामिल है।
जियो को दर्जा देने पर हुआ था विवाद
यूजीसी द्वारा रिलायंस की जियो यूनिवर्सिटी को आईओई दर्जा देने पर देशभर में खूब हंगामा हुआ था। दरअसल जियो यूनिवर्सिटी कागजों में ही यूनिवर्सिटी है। जियो को यूजीसी ने ग्रीन कैटेगरी के तहत प्राइवेट वर्ग में आईओई का स्टेट्स दिया था। हालांकि लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कमेटी ने क्रिया और सत्या (कागज में यूनिवर्सिटी) को भी आईओई का स्टेट्स देने की सिफारिश कर दी है। पूर्व गवर्नर और मोदी सरकार के बीच मतभेद सार्वजनिक हैं। ऐसे में उनकी यूनिवर्सिटी को शामिल करना चौंकाने वाला है।