फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की यूनिवर्सिटी के लिए आईओई दर्जे की सिफारिश

Sat, 08 Dec 2018 01:36 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
raghuram rajan - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के क्रिया विश्वविद्यालय और भारती एयरटेल के सत्या भारती विश्वविद्यालय को इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस (आईओई) दर्जे की सिफारिश की गई है। केंद्र सरकार की विशेषज्ञ समिति ने शुक्रवार को दूसरी सूची में सात सरकारी और 12 निजी विश्वविद्यालयों के नाम सुझाए हैं। 10 दिसंबर को यूजीसी काउंसिल की बैठक में आईओई दर्जा देने पर फैसला होगा।

विज्ञापन


केंद्र सरकार की कमेटी ने सितंबर में आईओई की पहली सूची जारी की थी। इसमें आईआईएससी बंगलूरू, आईआईटी मुंबई व आईआईटी दिल्ली को आईओई स्टेट्स मिल चुका है। निजी वर्ग में बिट्स पिलानी राजस्थान, मनीपाल अकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन व जियो इंस्टीट्यूट को आगामी तीन सालों में आईओई के नियमों को पूरा करना होगा। 

 कमेटी ने दूसरी सूची में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, तेजपुर यूनिवर्सिटी, सावित्री बाई फूले यूनिवर्सिटी पुणे, यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ व आंध्र यूनिवर्सिटी का नाम शामिल है। इसके अलावा आईआईटी मद्रास, आईआईटी खड़गपुर, दिल्ली यूनिवर्सिटी, जाधवपुर यूनिवर्सिटी, अन्ना यूनिवर्सिटी चेन्नई के नाम की सिफारिश फिर से भेजी है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

इन निजी संस्थानों की सिफारिश 

कमेटी ने नोएडा की शिव नादर यूनिवर्सिटी, हरियाणा की अशोक यूनिवर्सिटी, ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी और सत्य भारती यूनिवर्सिटी, तेलंगाना की इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ साइंसेज, इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन सैटलमेंट बंगलूरू, ओडिशा की कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, क्रिया यूनिवर्सिटी श्री सिटी आंध्र प्रदेश, अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी  बंगलूरू, जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी, वीआईटी विल्लूर तमिलनाडु, अमृता विश्व विद्यापीठम कोयंबतूर का नाम शामिल है। 

जियो को दर्जा देने पर हुआ था विवाद 
यूजीसी द्वारा रिलायंस की जियो यूनिवर्सिटी को आईओई दर्जा देने पर देशभर में खूब हंगामा हुआ था। दरअसल जियो यूनिवर्सिटी कागजों में ही यूनिवर्सिटी है। जियो को यूजीसी ने ग्रीन कैटेगरी के तहत प्राइवेट वर्ग में आईओई का स्टेट्स दिया था। हालांकि लोकसभा चुनावों के मद्देनजर कमेटी ने क्रिया और सत्या (कागज में यूनिवर्सिटी) को भी आईओई का स्टेट्स देने की सिफारिश कर दी है। पूर्व गवर्नर और मोदी सरकार के बीच मतभेद सार्वजनिक हैं। ऐसे में उनकी यूनिवर्सिटी को शामिल करना चौंकाने वाला है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें