पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री हसन मोहम्मद कांग्रेस को तगड़ा झटका दे सकते हैं। चर्चा है कि वह कांग्रेस का हाथ छोड़कर हाथ में कमल थाम सकते हैं। उम्मीद है कि वह 15 जनवरी तक भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
हसन मोहम्मद ने बताया कि कांग्रेस में पैसे और पहुंच वालों की तादाद बढ़ती जा रही है। इससे वह पार्टी में रहकर घुटन महसूस कर रहे हैं। भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि समय बनाएगा देखते हैं।
सूत्र बताते हैं कि पूर्व मंत्री की भाजपा में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं से बात हो चुकी है। बताते हैं कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रामविलास शर्मा एवं लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से पूर्व मंत्री हसन मोहम्मद के करीबी रिश्ते रहे हैं।
वह इस शर्त के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं कि उन्हें फिरोजपुर झिरकार से विधानसभा का चुनाव लड़ाया जाए। चूंकि इस सीट के प्रबल दावेदार आजाद मोहम्मद हैं। इसके अलावा यहां से इनेलो के विधायक होने के चलते उन्हें भाजपा में शामिल होना अधिक सूट कर रहा है।
भाजपा से चुनाव लड़ने के मुद्दे पर उनका कहना है कि किसी भी दल में शामिल होने का मतलब यह नहीं निकाला जाएं कि चुनाव लड़ने के लिए किसी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। संगठन की जिम्मेदारी संभालना भी बड़ी जिम्मेदारी है।