सेना से बर्खास्त एक जवान सेना का जवान बनकर छुट्टी पर गए जवानों को धमकाकर उगाही करने में लगा हुआ था। आरोपी को उसकी हरकतों की वजहों से उसे सेना से बाहर निकाल दिया था। फौज में सेवाएं देने के कारण उसे सिस्टम के बारे में जानकारी थी और उसे सेना के जवानों की तरह बर्ताव करना आता था। इसी का फायदा उठाकर उसने सेना के जवानों से उगाही करना शुरू कर दिया था।
जवानों से दोस्ती कर आरोपी उनका आईडी कार्ड ले लेता था और आईडी कार्ड लौटाने के बदले में मोटी रकम लेता था। पिछले कुछ सालों में उसने 15 से 20 जवानों को ठग लिया था। आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थानों में तीन अपराधिक मामले दर्ज हैं। एक केस में उसे सजा हो रखी है।
स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाह के अनुसार आर्मी इंटेलिजेंस ने पुलिस को सूचना मिली थी कि एक शातिर रेलवे स्टेशनों के आसपास सेना के जवानों से उगाही कर रहा है। वह जवानों को खुद को आर्मी का मेजर बताता है। वह जवानों से दोस्ती करता है और उनका आईडी कार्ड समेत सामान ले जाता है। सामान को वापस लेने के लिए उगाही करता है।
एसीपी अत्तर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर शिव कुमार, एसआई निशांत, एएसआई राजेश की टीम ने गांव परतापुर, थाना पिलखुआ जिला हापुड़ यूपी निवासी आरोपी हेमंत कुमार उर्फ अमित कुमार उर्फ फौजी (35) को 21 नवंबर को पहाडग़ंज साइड, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है।
आरोपी के पास से ट्रेवलिंग बैग, सेना के जवानों के आईडी कार्ड, हेल्थ कार्ड, ड्राइविंग लाईसेंस व एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। वह वर्ष 2001 से 2013 तक आर्मी में रहा था। मगर उसकी हरकतों के कारण पहले उसका कोर्ट मार्शल हुआ और फिर उसे बर्खास्त कर दिया गया। आरोपी वर्ष 2014 व 2015 में पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर तीन केसों में गिरफ्तार हो चुका है। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के एक केस में उसे सजा भी हो चुकी है।
ऐसे करता था उगाही
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह आर्मी के अफसरों जैसा हुलिया बनाकर रेलवे स्टेशन पर फौजी डिब्बों के आसपास खड़ा रहता था। वह सेना में नए-नए भर्ती हुए युवकों को अपना शिकार बनाता था। वह किसी एक नए जवान को बुलाकर उसे परिचय देता था और सामान्य बातचीत करना शुरू कर देता था। वह खुद को जवान बताता था तो जवान उसके हर सवाल का जवाब देता था। वह इधर-उधर घूमता था और चेजिंग रूम में जाकर नहाता था।
आरोपी पहले खुद नहाता था और अपने सामान के पास जवान को छोड़ जाता था। जब जवान नहाने जाता था तो आरोपी उसे सामान को लेकर फरार हो जाता था। आरोपी सिर्फ पैसे, एटीएम व आर्मी से कागजात चुराता था। इसके बाद ये जवान को फोन का आईडी कार्ड व अन्य सामान वापस करने के लिए मोटी रकम मांगता था।