-कैपिटेशन शुल्क पर रोक और दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना होगा प्रमुख जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के उच्च शिक्षा निदेशालय ने दिल्ली के प्रोफेशनल कॉलेज व संस्थानों में दाखिला प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए नई प्रवेश नियामक समिति का गठन किया है।
समिति में सेवानिवृत्त भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी योगेंद्र चौधरी, डॉ. सुरेश कुमार पोद्दार, सी राजशेखर और दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) के कुलपति प्रतीक शर्मा को सदस्य बनाया है। इसके अलावा दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के सचिव भी समिति में सदस्य होंगे। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव समिति के सदस्य सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे।
नई समिति निजी संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित कराने, छात्रों से अनुचित या कैपिटेशन शुल्क वसूली पर रोक लगाने और शुल्क व्यवस्था को छात्रों के हित में बनाए रखने की दिशा में काम करेगी। समिति का उद्देश्य दाखिले की प्रक्रिया में समानता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना भी होगा। इस संबंध में जारी अधिसूचना के अनुसार समिति का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। यह कार्यकाल अधिसूचना के प्रकाशन के अगले दिन से प्रभावी माना जाएगा। हालांकि समिति के देरी से गठन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इस समिति का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो गया था और अब अगस्त के अंत में इसका गठन किया गया है। गठन में देरी से छात्रों को ही नुकसान हुआ है क्योंकि शिक्षण संस्थानों में दाखिला प्रक्रिया लगभग समाप्त हो चुकी है।