राजधानी की बिगड़ी आबोहवा और प्रगति मैदान में चल रहे पुनर्विकास कार्यों के चलते दर्शकों को प्रदूषण की दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। विदेशी मेहमानों में पहले से ही दिल्ली की प्रदूषित हवा का खौफ बरकरार है।
वहीं, इस बार प्रगति मैदान के प्रवेश द्वारों से मेले तक पहुंचने के लिए शटल सेवाएं नहीं चलेंगी। इसके चलते दर्शकों को करीब एक किमी पैदल चलकर मेले तक पहुंचना होगा।
आईटीपीओ के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक प्रगति मैदान में इस बार जगह कम होने के कारण मेले में प्रवेश करने के रास्ते भी संकरे हो गए हैं। फिर भी प्रशासन दर्शकों की परेशानी को देख दूसरा विकल्प देने की तैयार कर रहा है।
सूत्रों की मानें तो शटल सर्विस के बजाए छोटे ई-वाहन चलाकर दर्शकों को प्रवेश द्वारों से मेले तक पहुंचाया जा सकता है। हालांकि इस बारे में अभी औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।