डीआरआई ने इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एक आदमी को हिरासत में लिया है, जिसके पास से करीब 3 करोड़ रुपये की विदेशी करेंसी और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बढ़िया करने के लिए उपयोग की जाने वाली प्रतिबंधित स्टेरॉयड्स बरामद की गई हैं। खुफिया राजस्व निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने रविवार को इसकी जानकारी सभी को दी।
डीआरआई की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, एजेंसी को किसी ने शनिवार सुबह दिन निकलने से पहले बैंकाक जाने वाले एयर इंडिया के विमान पर एक आदमी के काला धन लेकर सवार होने की सूचना दी थी। इसके बाद डीआरआई की टीम ने एयरपोर्ट पर छापा मारकर उस आदमी को दबोच लिया।
उस आदमी के पास से करीब 1.28 करोड़ रुपये के बराबर कीमत वाले यूरो और ब्रिटिश पाउंड बरामद किए गए। आरोपी ने एजेंसी को बताया कि वह एनबोलिक स्टेरॉयड्स की तस्करी करने वाले एक गिरोह के लिए काम करता है। इसी गिरोह ने उसे स्टेरॉयड्स की खरीदारी करने के लिए विदेशी करेंसी मुहैया कराई थी। टीम को उसके पास डायनाबोल, कीटोमेल, स्टानोजोलोल, टेस्टास्टरोन प्रोपीनेट और ट्रेंपोलोन एसीटेट जैसी स्टेरॉयड्स मिलीं, जिनकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपये है।
थाईलैंड से करा रहे थे तस्करी
डीआरआई की जांच में सामने आया है कि इन स्टेरॉयड्स की तस्करी मुख्य तौर पर थाईलैंड से की जा रही है। स्मगलर अपने एजेंटों को विदेशी करेंसी देकर थाईलैंड भेजते हैं, जो वापसी में अपने साथ इस करेंसी से खरीदी गईं एनबोलिक स्टेरॉयड्स लेकर आते हैं। इस स्टेरॉयड्स की घोषणा अपने खरीदे हुए सामान में करने के बाद बाकायदा इस पर कस्टम शुल्क का भुगतान करते हुए इसे भारतीय बाजार में वैध तरीके से बेचने का रास्ता साफ कर लिया जाता है।
जिम में बॉडी बनाने के चलन ने बढ़ाया प्रयोग
दरअसल हर युवा को जिम में जाकर बॉलीवुड हीरो जैसी बॉडी बनाने के शौक ने भारत को एनबोलिक स्टेरॉयड्स के बहुत बड़े बाजार में तब्दील कर दिया है। थाईलैंड और अन्य देशों से बेहद कम दाम पर खरीदकर भारतीय बाजार में इन स्टेरॉयड्स को बेहद ऊंचे दामों में बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। लेकिन इसके बहुत सारे साइड इफेक्ट्स होने के कारण ये स्टेरॉयड्स लंबे समय में भारतीय युवाओं को कई तरह की बीमारियों का शिकार बना रहे हैं।