हिमाचल में पड़ रही भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने के आसार हैं। प्रदेश में बुधवार से मौसम खराब होने का पूर्वानुमान जताया गया है। 28 से 30 मई तक प्रदेश के मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों में बारिश और अंधड़ का येलो अलर्ट भी जारी हुआ है। प्रदेश में एक जून तक बादल बरसने की संभावना है। पिछले दो तीन दिनों से गर्मी ने प्रदेश भर में लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं।
मंगलवार को प्रदेश भर में मौसम साफ रहा। मैदानी जिलों में गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ाई हुई है। लोगों का दिन के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। राजधानी शिमला में दोपहर बाद हल्के बादल छाने से गर्मी से हल्की राहत मिली।
मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 43.2, बिलासपुर में 39.5, हमीरपुर में 39.2, सुंदरनगर में 39.3, कांगड़ा में 38.9, नाहन में 36.6, भुंतर में 36.0, चंबा में 37.0, सोलन में 35.4, धर्मशाला में 32.2, शिमला में 28.4, डलहौजी में 23.8, कल्पा में 23.4, केलांग में 18.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
पंजाब में गर्मी का कहर जारी है। बढ़ते तापमान के कारण दिन के समय आसमान से आग बरस रही है। मंगलवार को गर्मी ने इस साल के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। सूबे में फरीदकोट 45.6 डिग्री से. के साथ सबसे ज्यादा गर्म रहा। जबकि हिसार 48 डिग्री तापमान के साथ इस रीजन में सबसे गर्म स्थान रहा।
मौसम विभाग की मानें तो अभी आने वाले कुछ दिन कोई राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही है। 29 मई के बाद ही झुलसती गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मंगलवार को पंजाब में पटियाला का तापामान 44.7, लुधियाना 44.1, अमृतसर 43.7 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार दोपहर 12 बजे से लेकर शाम चार बजे तक लू का कहर सबसे ज्यादा रहता है।
उधर, हरियाणा और चंडीगढ़वासी भी लू के थपेड़ों से जूझ रहे हैं। हिसार 48 डिग्री तापमान के साथ रीजन में सबसे गर्म रहा। इसके बाद नारनौल का तापमान 46 डिग्री, अंबाला 44.2 डिग्री,करनाल 44 डिग्री और चंडीगढ़ का तापमान 43.1 डिग्री रहा।
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी से डॉक्टर केके गिल का कहना है कि अभी गर्मी का कहर इसी तरह जारी रहेगा। दिन का तापमान कई जगह पर 47 से 48 डिग्री तक जा सकता है। 29 मई के बाद कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने लाल कोड वाली चेतावनी जारी करते हुए दो पूर्वोत्तर राज्यों असम और मेघालय में 26 से 28 मई के दौरान भारी बारिश का अनुमान जताया है। आईएमडी के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की प्रमुख सती देवी ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी से उठने वाली दक्षिण पश्चिमी तेज हवाओं के कारण इन दोनों राज्यों में काफी नमी होगी। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर भारी से बेहद भारी बारिश की उम्मीद है।
हर कम दबाव का क्षेत्र चक्रवात बने जरूरी नहीं
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत में मई के बाद जून में अधिकतम बारिश होगी। उन्होंने कहा कि अरब सागर में 30 मई से कम दबाव का वातावरण बन रहा है। यह दबाव तूफान में बदलने का पहला चरण होता है, लेकिन जरूरी नहीं कि हर कम दबाव की स्थिति तूफान में तब्दील हो जाए।