दिवाली के बाद तीन साल में पहली बार लगातार सात दिन से दिल्ली-एनसीआर की हवा दमघोंटू बनी हुई है। इसी बीच दिल्ली में एक दिन का सबसे ज्यादा प्रदूषण भी दर्ज किया गया। इसमें सबसे ज्यादा मात्रा पीएम 2.5 की रही। रविवार को दिनभर ज्यादातर स्थानों पर इसका स्तर पीएम 10 से ज्यादा था।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार 2016 में दिवाली के बाद करीब 12 दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब से गंभीर स्थिति में रहा था। 2017 और 2018 में दिवाली के पटाखों से निकला धुआं चार से पांच दिन में छंट गया था। जबकि इस बार खराब मौसमी दशाओं और पराली के धुएं ने दिल्ली-एनसीआर को गैस चैंबर में तब्दील कर रखा है।
दिवाली के बाद के सातवें दिन की हवा इस सीजन में सबसे प्रदूषित रही। इस बीच पहली बार दिल्ली का सूचकांक 490 से पार गया। शाम छह बजे अरविंदो मार्ग, आया नगर, अशोक विहार, आनंद विहार, वजीरपुर, बवाना, अलीपुर, नरेला, सीरीफोर्ट समेत करीब 12 इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 तक पहुंच गया था। जबकि अन्य क्षेत्रों में यह 490 से 499 के बीच रहा।
मौसम विभाग को सुधार की उम्मीद
मौसम विभाग का कहना है कि सोमवार को हवा की चाल तेज रहेगी। इससे दोपहर बाद धीरे-धीरे दिल्ली का प्रदूषण कम होना शुरू होगा। मंगलवार से हवा की गुणवत्ता पर भी इसका असर दिखना लगेगा। सात व आठ नवंबर को दिल्ली-एनसीआर में बारिश होने का पूर्वानुमान है। तेज बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।