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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: पहली बार दिल्ली को योगमय करेंगे पीएम मोदी के सभी मंत्री

Thu, 20 Jun 2019 05:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
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नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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पांचवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दिल्ली को योगमय करने के लिए पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। 21 जून की सुबह 7 बजे से दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर मोदी सरकार के 35 मंत्री योग करेंगे।

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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से लेकर नितिन गड़करी और पश्चिम बंगाल के बाबुल सुप्रियो से लेकर देबाश्री तक दिल्ली में कार्यक्रम की जिम्मेदारी संभालेंगे। ऐतिहासिक राजपथ पर सरकार के वरिष्ठ मंत्री राजनाथ सिंह कमान संभालने वाले हैं। 

बुधवार को केंद्रीय आयुष मंत्रालय की ओर से दिल्ली में सभी मंत्रियों के कार्यक्रम तय कर दिए गए। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व विदेश मंत्री एस जयशंकर का नाम तय कार्यक्रम में नहीं है।
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2015 में पहली बार आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से लेकर अब तक चार बार कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग-अलग शहरों में योग किया, जबकि उनके मंत्रियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में कमान संभाली थी, लेकिन पहली बार ऐसा है जब दिल्ली में लगभग सभी मंत्री एक साथ पीएम मोदी संग योग करते दिखाई देंगे। दिल्ली में योग के सबसे बड़े कार्यक्रम राजपथ और लालकिला पर होने जा रहे हैं। 

राजपथ पर करीब 20 हजार और लालकिले पर करीब 40 हजार से ज्यादा लोगों के योग करने की संभावना है। सरकार ने इन दोनों स्थानों पर योग का जिम्मा राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी को सौंपा है। पूर्वी दिल्ली में निर्मला सीतारमण, तालकटोरा स्टेडियम में नरेंद्र सिंह तोमर, लोधी गार्डन में पीयूष गोयल, पटेल नगर में मुख्तार अब्बास नकवी, राजौरी गार्डन में हरदीप सिंह पुरी योग करेंगे। 

दिल्ली के अलावा नोएडा सेक्टर-21 में महेश शर्मा, गुरुग्राम के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में राव इंद्रजीत सिंह, गाजियाबाद के कवि नगर में वीके सिंह और फरीदाबाद के सेक्टर-12 में कृष्णपाल गुर्जर कमान संभालेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद डॉ. हर्षवर्धन को पार्टी के डीडीयू मार्ग स्थित भाजपा मुख्यालय पर योग का जिम्मा सौंपा है। 

ये भी दिल्ली में लगाएंगे योगासन
दिल्ली के नारायणा लोहमंडी में डॉ. जितेंद्र सिंह, केशोपुर में गिरिराज सिंह, संगम विहार में थावर चंद गहलोत, जैतपुर में महेंद्र नाथ पांडे, शालीमार बाग में गजेंद्र सिंह शेखावत, अशोक विहार में प्रकाश जावेड़कर, नरेला में संजीव बालियान, समयपुर बादली में संतोष गंगवार, मंगोलपुरी में अश्विनी चौबे, पीरागढ़ी में अर्जुनराम मेघवाल, लाडो सराय में अर्जुन मुंडा, राजनगर में स्मृति ईरानी, नजफगढ़ में किरन रिजिजु व अनुराग ठाकुर, आरके पुरम में जी कृष्ण रेड्डी, हौजखास में रविशंकर प्रसाद, करतार नगर में पुरुषोत्तम रुपला, बुराड़ी में निशंक योगासन करेंगे।

दिल्ली में भाजपा करीब 280 मंडलों में कार्यक्रम करेगी। इनमें करीब 3 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान है। राष्ट्रीय स्तर पर ये आंकड़ा 13 करोड़ हो सकता है। भारत के साथ दुनिया के 192 देशों में भी योग कार्यक्रम होने वाले हैं।
- मनोज तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष, दिल्ली भाजपा

सेहत के साथ युवाओं को रोजगार भी दे रहा योग

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस - फोटो : अमर उजाला
योग अब रोजगार का बड़ा जरिया भी बन चुका है। पिछले पांच वर्षों के भीतर ही न सिर्फ भारत, बल्कि विश्व में प्रशिक्षित योग गुरुओं की मांग भी कई गुना रफ्तार से बढ़ी है। शायद इसलिए, अब सरकार योग गुरुओं को सरकारी मान्यता देने जा रहा है। केंद्रीय आयुष मंत्रालय की ओर से एक योग प्रमाणीकरण मंडल भी नियुक्त कर दिया है। 

देशभर के चुनिंदा संस्थानों में योग प्रशिक्षण लेने के बाद योग प्रशिक्षण केंद्र संचालित करने के लिए आवेदन किया जा सकता है। समिति की ओर से मंजूरी के रूप में एक प्रमाण पत्र मिलेगा, जो दुनिया के सभी देशों में मान्य होगा। 

विशेषज्ञों का मानना है कि योग भारत की प्राचीन विद्या है। इसलिए दुनिया में सबसे ज्यादा योग गुरु और योग विद्यार्थी भारत में हैं। साल 2015 में पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाए जाने से लेकर अब तक विश्व में योग के प्रति काफी जागरूकता बढ़ी है।

आयुष मंत्रालय के मोराजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के निदेशक डॉ. बीएस रेड्डी ने बताया कि योग व्यावसायियों के प्रमाणीकरण को लेकर हाल ही में आवेदन मांगे गए हैं। 15 जुलाई 2019 इसके लिए अंतिम तिथि रखी है। योग, शिक्षा और प्रशिक्षण, योग चिकित्सा और निरंतर योग शिक्षा कार्यक्रम (सीवाईईपी) इन तीन वर्गों के तहत आवेदन किया जा सकता है।

योग संस्थान या केंद्रों की मान्यता के लिए भी अलग से आवेदन करें। जितनी तेज गति से योग के प्रति जागरूकता और प्रशिक्षण केंद्रों की मांग बढ़ी है। उतनी ही रफ्तार के साथ इस क्षेत्र में फर्जीवाड़ा भी बढ़ रहा था, जिस पर अंकुश लगाने के लिए पीएम मोदी की पहल पर मंत्रालय ने यह फैसला लिया है। 

इनसे मिल सकता है युवाओं को रोजगार
मोराजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान में 12वीं के बाद तीन वर्ष के लिए बीएससी-योग विज्ञान कोर्स किया जा सकता है। स्नातकों के लिए एक वर्षीय योग विज्ञान में डिप्लोमा भी संचालित है। बीएससी-योग विज्ञान में प्रति बैच 60 सीट हैं। इसके लिए 12वीं में न्यूनतम 50 फीसदी अंक चाहिए। प्रैक्टिकल ज्ञान के लिए संस्थान की ओर से हर साल देशभर में योग शिविर भी लगाए जाते हैं। इसके अलावा संस्थान केंद्रीय सुरक्षा जवानों के लिए भी अलग से योग प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रहा है। आयुर्वेद एवं योग के माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन में सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, स्वास्थ्य के लिए योग विज्ञान में आधारभूत कार्यक्रम इत्यादि भी संचालित हैं। युवाओं के लिए तीन-तीन माह के योग सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम भी संस्थान में चल रहे हैं।

देशभर को योग गुरु दे रहा संस्थान
निदेशक डॉ. रेड्डी का कहना है कि हाल ही में उनके यहां विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ करार हुआ है। योग विज्ञान को लेकर डब्ल्यूएचओ की ओर से भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। संस्थान से निकलने वाले योग प्रशिक्षक देश  में फैल चुके हैं। अब दिल्ली से योग प्रशिक्षक ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और न्यूयॉर्क तक में जा रहे हैं।
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हर आसन का है अलग महत्व

योग दिवस - फोटो : amar ujala
योग का अर्थ है जोड़ना अर्थात जीवात्मा का परमात्मा से मिल जाना। दिल्ली के प्रशांत विहार स्थित आयुर्वेदिक पंचकर्म अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. आरपी पाराशर ने बताया कि आपके लिए कौन-सा योग किस तरह फायदेमंद हो सकता है?

स्वस्तिकासन : इस आसन के जरिए पैरों का दर्द, घुटनों का दर्द दूर होता है। साथ ही पैरों का गर्म या ठंडापन दूर होता है। ध्यान करने के लिए उत्तम आसन है।
गोमुखासन: यह यकृत, गुर्दे एवं वक्ष स्थल को बल देता है। संधिवात व गठिया रोग को दूर करता है। अंडकोष वृद्धि एवं आंत्र वृद्धि में लाभप्रद है। धातुरोग, बहुमूत्र एवं स्त्री रोगों में विशेष लाभकारी है। 

गोरक्षासन : मांसपेशियों में रक्त संचार ठीक होकर वे स्वस्थ होती हैं। मूलबंध को स्वाभाविक रूप से लगाने और ब्रह्मचर्य कायम रखने में यह आसन सहायक है। इंद्रियों की चंचलता समाप्त कर मन में शांति प्रदान करता है।

योगमुद्रासन : इससे चेहरा सुंदर, स्वभाव विनम्र व मन एकाग्र होता है। 

शंखासन : सभी प्रकार के उदर रोग तथा कब्ज, मंदाग्नि, गैस, अम्ल पित्त, खट्टी डकारों का आना एवं बवासीर जैसे रोगों में लाभदायक है। आंत, गुर्दे, अग्नाशय तथा तिल्ली संबंधी रोगों में लाभप्रद है।

सर्वांगासन: थायराइड ग्रंथि को सक्रिय एवं स्वस्थ बनाता है। मोटापा, दुर्बलता एवं थकान आदि विकार दूर होते हैं। कद बढ़ाने में सहायक है।

प्राणायाम : प्राण का अर्थ, ऊर्जा अथवा जीवनी शक्ति है। प्राणायाम से ऊर्जा का जीवनी शक्ति में वृद्धि होती है। ध्यान के लाभ : ध्यान या मेडिटेशन का प्रचार हमारे देश में ही नहीं, विदेशों में भी जोर-शोर से हो रहा है। ध्यान से मानसिक तनाव दूर होकर गहन आत्मिक शांति महसूस होती है। कार्य शक्ति बढ़ती है। नींद अच्छी आती है। मन की एकाग्रता एवं धारण शक्ति बढ़ती है।
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