आरुषि मामले में कोर्ट के फैसले पर डीपीएस नोएडा स्कूल की भी निगाह थी। आरुषि को पढ़ाने वाली टीचर, स्वीमिंग कोच से लेकर स्टूडेंट्स तक फैसले का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, कोई भी मीडिया से खुलकर बात नहीं करना चाह रहा था। आरुषि की दोस्त भी इस फैसले से खुश हैं, लेकिन उनका कहना था कि जल्द ही आरुषि के कातिल से भी पर्दा उठना चाहिए। आशा है कि आरुषि को न्याय जरूर मिलेगा।
मयूर स्कूल नोएडा एक्सप्रेसवे की प्रिंसिपल सरिता मधोक ने बताया कि 28 साल तक डीपीएस स्कूल में रही हूं। उस दौरान नोएडा डीपीएस स्कूल में वाइस प्रिंसिपल थी। आरुषि को गणित भी पढ़ाती थी। वह पढ़ने में बहुत ही अच्छी स्टूडेंट थी। सबसे पहले सवालों के जवाब देती थी। गणित में वह बहुत होशियार थी।
आरुषि बहुत ही प्यारी बच्ची थी और सभी की चहेती थी। वहीं, आरुषि के स्वीमिंग कोच सुरेश देशवाल ने बताया कि आरुषि स्कूल के बाद पापा के साथ गोल्फ कोर्स में स्वीमिंग सीखने आती थी। आरुषि बहुत एक्टिव और शरारती भी थी। वह बहुत जल्द ही घुलमिल जाती थी। दुख है कि कातिल का अभी तक पता नहीं चला।