नगर निगम के तमाम दावों के बावजूद रैन बसेरों में ठहरे हुए प्रवासी लोगों को भरपेट खाना नहीं मिल रहा है। इस कारण यहां करीब 35 लोग भूखे पेट सोने को मजबूर हैं जबकि निगम की ओर से सभी को दो समय भरपेट खाना देने का दावा किया हुआ है।
अमर उजाला की टीम ने जब मौके पर जाकर लोगों से बात की तो निगम का दावा हवा हवाई नजर आया। लोगों ने बताया कि वह न तो अपने घर जा सके और अब यहां रुके हैं तो आधे भूखे रहना पड़ रहा है।
लॉकडाउन के कारण शहर में विभिन्न जगहों पर कार्य करने वाले प्रवासी लोगों को उनके घर जाने से रोक कर उनको निगम के राहत केंद्रों में रखा गया था। नगर निगम व जिला प्रशासन की ओर से राहत केंद्रों में रखे लोगों को रहने के साथ खाना देने का दावा किया गया था, लेकिन हकीकत कुछ ओर ही है।
भीमनगर के रैन बसेरे में करीब 35 लोगों को रखा हुआ है। यहां रह रहे लोगों का आरोप है कि उन्हें यहां भरपेट खाना नहीं मिल रहा है। इस कारण उन्हें भूखे पेट ही रहना पड़ रहा है।
पिछले काफी दिनों से यहां रह रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से जो खाना आता है उससे सिर्फ गुजारा हो रहा है। खाना भरपेट नहीं मिल पा रहा है। इस कारण आधे से ज्यादा समय तो भूखा रहना पड़ रहा है।
- राजीव
प्रशासन की ओर से दो वक्त का खाना दिया जाता है, वह खाना भी भरपेट नहीं मिलता है। इस कारण एक समय तो भूखा रहना पड़ ही रहा है, लेकिन जो खाना मिल रहा है वह भी भरपेट नहीं मिल रहा है।
- ध्रुवपाल
संबधित अधिकारी को समस्या सुनकर समाधान के निर्देश दिए गए हैं। खाना दो समय मिल रहा है। मात्रा के बारे में कार्रवाई करेंगे।
- विनय प्रताप सिंह, निगमायुक्त, गुरुग्राम