दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए सोमवार को प्रचार पूरी तरह से समाप्त हो गया। इसके बाद छात्र संगठनों से लेकर उम्मीदवारों का फोकस सोशल मीडिया पर ही रहा। छात्र संगठन व उम्मीदवार छात्रों के वोट को अपने पक्ष में करने के लिए ट्विटर, व्हाट्सअप व फेसबुक, इंस्टाग्राम पर वोट की अपील करते रहे।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एक बार फिर मुख्य मुकाबला एनएसयूआई ओर एबीवीपी के बीच ही है। कॉलेज से कॉलेज जाकर प्रचार के लिए कम समय मिलने के कारण दोनों संगठनों के प्रत्याशी अपने पैनल को जिताने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे। संगठनों की ओर से अपने पैनल के नंबरों को भी अपलोड किया गया। संगठन अपने अभियानों की जानकारी, अपने पैनल के बैलेट नंबर को सोशल मीडिया पर खूब प्रचारित करते रहे।
एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा ने बताया कि हमारे प्रत्याशियों ने छात्रों तक अपनी बात को पहुंचाने के साथ उनसे मतदान करने की अपील भी की। एबीवीपी ने मस्ट वोट स्लोगन के साथ सुबह की पाली और शाम की पाली के कॉलेजों में वोटिंग करने के समय का भी प्रचार किया। एबीवीपी ने सोशल मीडिया के पेजों पर मतदान करने के लिए जागरुकता फैलाने का काम भी किया।
वहीं एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को प्रचार के लिए बेहद कम समय मिलने के कारण एनएसयूआई प्रचार थम जाने के बाद सोशल मीडिया पर सक्रिय रही। पैनल के बैलेट नंबर के साथ अपने उम्मीदवारों का खूब प्रचार एनएसयूआई ने किया। वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए मतदान करने की अपील भी की।
- सोशल मीडिया पर लड़ा गया डूसू चुनाव
- प्रचार खत्म होने के बाद उम्मीदवारों का सोशल मीडिया पर रहा फोकस
- मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए वोट करने की भी अपील की