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दिल्लीः सही जांच नहीं होने पर बिगड़ रही फ्लू के मरीजों की हालत

Sat, 03 Oct 2020 06:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर लोग करा रहे हैं सिर्फ कोरोना जांच
  • डॉक्टरों ने कहा, अन्य बीमारियों का टेस्ट कराना भी है जरूरी
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विस्तार
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मौसम परिवर्तन के साथ राजधानी के अस्पतालों में टाइफाइड बुखार के मरीज भी भर्ती हो रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जांच में देरी के कारण लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है। इसलिए जरूरी है कि शरीर में फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों की भी जांच कराई जाए।

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सफदरजंग और एम्स अस्पताल में एक सप्ताह में पांच ऐसे मरीज भर्ती हुए हैं, जिन्हें तेज बुखार और सिर दर्द था। लक्षणों को देखकर उनकी कोरोना जांच कराई। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी समस्या बनी हुई थी, लेकिन यह लोग घर पर ही रहे और कोई अन्य टेस्ट नहीं कराया। हालत गंभीर होते देख इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डेंगू और टाइफाइड की जांच की गई, जिसमें टाइफाइड बुखार की पुष्टि हुई।

सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर जुगल किशोर ने बताया कि जिन लोगों को भी बुखार और फ्लू के लक्षण होते हैं वह सबसे पहले कोरोना जांच ही कराते हैं। इस जांच में परिणाम निगेटिव आने के बाद लोगों को लगता है कि उन्हें कोई और बीमारी नहीं होगी, इसलिए वह घर पर ही रहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। अगर लक्षण बने हुए हैं तो डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड की भी जांच कहानी चाहिए। क्योंकि, इस मौसम में यह तीनों बीमारियां भी काफी होती हैं और अगर समय पर इलाज न हो तो घातक साबित हो सकती है।
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उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में अस्पताल में तीन मरीज ऐसे भर्ती हुए हैं, जिन्हें टाइफाइड बुखार ह्रै। देरी से जांच कराने के कारण इनकी समस्या गंभीर बन गई। हालांकि, फिलहाल तीनों की हालत में सुधार है।एम्स अस्पताल के डॉक्टर अमिंदर ने बताया कि अस्पताल में दो मरीज ऐसे भर्ती हैं, जिनको टाइफाइड बुखार है। 

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