गाजियाबाद के एक थाने पर तैनात एसएचओ के बेटे ने दोस्तो संग मिलकर एक युवती के साथ छेड़खानी की। इस पर मार्केट के दुकानदारों ने मनचलों को जमकर धुन दिया।
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दुकानदारों को शांत कराकर युवकों को छुड़ाया। एसएचओ के बेटे का मामला होने के कारण पुलिस इसे दबाने में जुटी है।
घटना रविवार रात की है। गाजियाबाद के एक थाने में तैनात एसएचओ का बेटा अपने दोस्तों संग इंदिरापुरम के वैभव खंड स्थित विंडसर मार्केट में पार्टी करने गया था।
आरोप है कि इस दौरान किसी एक युवक ने वहां से गुजर रही युवती पर फब्ती कस दी। युवती ने विरोध करते हुए शोर मचाया तो एसएचओ के बेटे ने अपने पिता का रसूख दिखाते हुए युवती को ही जेल भेजने की धमकी दे डाली।
कुछ दुकानदारों ने विरोध किया तो युवक उनके साथ हाथापाई पर उतारू हो गए। इसके बाद दुकानदारों ने एसएचओ के बेटे समेत सभी युवकों की जमकर पिटाई की।
दुकानदारों की सूचना पर ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवकों को हिरासत में लिया। मगर जब पता चला कि मनचलों में से एक एसएचओ का बेटा है तो मामले को शांत कराया गया।
खाकीवालों के बिगड़ैल ‘नवाब’
यहां पुलिसवालों के बिगड़ैल बेटों की कमी नहीं है। वे न सिर्फ पिता के खाकी के रौब पर गुंडई करते हैं, बल्कि गंभीर आपराधिक मामलों में भी उनकी भूमिका पाई गई है।
शहर कोतवाली में तो कई साल पहले दरोगा के बेेटे को अपने ही भाई की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कविनगर में दरोगा का बेटा रेप के मामले में जेल गया।
पुलिस लाइंस में रहने वाला सिपाही का रिश्तेदार तो आपराधियों का नेटवर्क चला रहा था। पुलिस ने गैंग पकड़कर खुलासा किया था।
पुलिस ने दुकानदारों को धमकाया
आरोप है कि मामले की शिकायत करने वाले दुकानदारों को पुलिस ने धमकाया। साथ ही यह भी कहा गया कि युवकों को काफी चोटें आई हैं और उनके खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। इसके बाद दुकानदारों ने अपनी शिकायत वापस ली।
सीओ को नहीं है जानकारी
सीओ इंदिरापुरम अतुल यादव ने बताया कि मामला दो पक्षों की मारपीट का था, जिसमें बाद में समझौता हो गया। इंस्पेक्टर के बेटे के घटना में शामिल होने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।