नोएडा एयरपोर्ट के लिए अधिसूचना जारी होने से जनवरी के प्रथम सप्ताह में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। मुआवजा व विस्थापन के रूप में करीब 5000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दूसरी तरफ कंपनी के चयन की प्रक्रिया भी अगले महीने से शुरू हो जाएगी।
शासन ने जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना के लिए आदेश जारी कर दिया है। अब 60 दिन बाद धारा 19 लगेगी और जमीन अधिग्रहण शुरू होगा। जमीन अधिग्रहण पर करीब 5000 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें से 1500 करोड़ रुपये शासन, 1500 करोड़ रुपये नोएडा प्राधिकरण व 1000 करोड़ रुपये यीडा और 1000 करोड़ रुपये ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को देने हैं। इस पांच हजार करोड़ रुपये में जमीन का मुआवजा और प्रभावित परिवारों का विस्थापन खर्च भी शामिल है।
प्रदेश सरकार लोकसभा चुनाव से पहले एयरपोर्ट के शिलान्यास की तैयारी कर रही है। इसे देखते हुए जमीन अधिग्रहण के साथ ही ग्लोबल टेंडर के जरिये कंपनी के चयन की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी, ताकि 80 फीसदी जमीन पर पजेशन मिलने के साथ ही इसे बनाने वाली कंपनी भी चयनित कर ली जाए। जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह के मुताबिक यह एयरपोर्ट अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा जो प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। इससे दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा। बड़ी तादाद में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें यहां से शुरू होंगी।
एक नजर गांव और विस्थापित परिवारों की संख्या पर
गांव शिफ्ट होने वाले
दयानतपुर 797
रोही 919
किशोरपुर 59
गांव वार जमीन का ब्योरा
गांव किसानों की जमीन
दयानतपुर 394.14
रोही 433.17
पारोही 108.46
किशोरपुर 171.08
बनवारीवास 6.27