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जानिए वो 5 कारण जिनसे तीन घंटे में केजरीवाल को ऑड-ईवन पर लेना पड़ा यू-टर्न

Sat, 11 Nov 2017 05:27 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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odd even - फोटो : अमर उजाला
-ऑड-ईवन स्कीम को लागू करने को लेकर दिल्ली सरकार जिस तरह अड़ी हुई थी एनजीटी के आदेश के बाद अपने उसी फैसले को लेकर फजीहत में पड़ गई। इसका नतीजा यह हुआ कि एनजीटी के आदेश के 3 घंटे के अंदर ही सरकार को ऑड-ईवन स्कीम को ही वापस लेना पड़ा। बता दें कि एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि इमरजेंसी वाहनों को छोड़कर सभी दुपहिया वाहन, कारें, सीएनजी कारें, महिला चालकों की कारें, स्कूल यूनिफॉर्म वाले बच्चों की कार समेत सभी वाहनों को इस स्कीम के दायरे में लाया जाए। मजबूर होकर अब केजरीवाल सरकार ने अपना फैसला वापस ले लिया है। जानें सरकार के यूटर्न के 5 बड़े कारण और अगर ऐसा ना करती सरकार तो सोमवार को सड़कों पर हाहाकार मचना तय था...
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नहीं की स्कूलों की छुट्टी तो स्कूल बस नहीं म‌िलेंगे

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सम-विषम का सूरत-ए-हाल - फोटो : विवेक निगम/अमर उजाला, नई दिल्ली
-बता दें‌ कि दिल्ली में 1.05 करोड़ रजिस्टर्ड वाहन हैं। अगर सरकार सोमवार से ऑड-ईवन लागू करती तो उसे जो सबसे बड़ी समस्या आती वो ये थी कि दिल्ली के लगभग 1 करोड़ वाहन इस नियम के दायरे में आते। जब लगभग 1 करोड़ वाहन (कार, बाइक और सीएनजी आदि सब मिलाकर) इस स्कीम के दायरे में आते और उनमें से आधे भी सड़क से गायब होते तो बड़ी समस्या आती। इसका सबसे बड़ा कारण है दिल्ली में उचित मात्रा में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ना होना।
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अगर नहीं सुलझी ये समस्या तो ऑड-ईवन की धज्जी उड़ना तय

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सम-विषम का सूरत-ए-हाल - फोटो : विवेक निगम/अमर उजाला, नई दिल्ली
-दिल्ली में कुल 63.26 लाख दुपहिया वाहन हैं। ऑड-ईवन के पिछले दो चरणों में इन दुपहिया वाहनों को छूट मिली थी जिसकी वजह से दिल्ली की जनता को उतनी परेशानी नहीं हुई। लेकिन अगर ये वाहन भी ऑड-ईवन के दायरे में आ जाएंगे तो दिल्लीवालों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ेगा।

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odd even - फोटो : अमर उजाला
-जब सभी वाहन ऑड-ईवन स्कीम के दायरे में आ जाएंगे तो बड़ी मात्रा में लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ेगा। लेकिन दिल्ली का पब्लिक ट्रांसपोर्ट का जाल इतना अच्छा नहीं जो इतने विशाल जनसमूह को सुविधा दे पाए। मेट्रो और डीटीसी पर जितना लोड बढ़ेगा उतनी उनकी क्षमता नहीं है। मेट्रो के फेरे बढ़ाने और डीटीसी की अतिरिक्त बसें चलाने से भी इतनी बड़ी जनता को संभाल पाना काफी मुश्किल है।
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odd even - फोटो : अमर उजाला
-वहीं दिल्ली सरकार के सामने एक और समस्या ये है कि अगर सरकार को स्कूल बसें भी ऑड-ईवन के तहत पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में चलानी है तो उसे स्कूलों की छुट्टी करनी होगी। क्योंकि स्कूलों ने सरकार के सामने शर्त रखी है क‌ि वो स्कूल बसें तभी देंगे जब स्कूलों की छुट्टी होगी। इस तरह इस समय बार-बार स्कूलों की छुट्टी करना काफी मुश्किल फैसला हो सकता है।
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सम-व‌िषम का असर - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
-सरकार के सामने एक समस्या जो काफी बड़ी है वो ये है क‌ि उसके पास इतना स्टाफ नहीं है जो वाहनों की चेकिंग आदि के लिए सड़कों पर तैनात किया जा सके। ऐसे में नियम की धज्जियां उड़ना तय है।
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