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दोस्ती का कत्ल: लूट के लिए पांच लोगों ने युवक की हत्या की, फिर शव को काटा, वृंदावन के पास यमुना में फेंका

Mon, 02 Mar 2026 06:43 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

सोने के जेवर के शौक के कारण अनरूप गुप्ता की दोस्तों ने हत्या कर दी। 40 लाख रुपये के जेवर लूटे गए। शव छह टुकड़ों में काटकर यमुना में फेंका। चार आरोपी पकड़े गए।
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दोस्तों ने युवक की हत्या की - फोटो : अमर उजाला/ AI
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विस्तार
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द्वारका इलाके में सोने के जेवरात पहनने का शौक एक युवक के लिए जानलेवा बन गया। अनरूप गुप्ता (48) के दोस्तों ने साजिश रचकर उसकी हत्या कर दी। उसकी कार और करीब 40 लाख रुपये के जेवरात लूट लिए गए। शव को छह टुकड़ों में काटा गया और प्लास्टिक के तीन कट्टों में डालकर उसे वृंदावन, मथुरा के पास यमुना में ठिकाने लगा दिया गया।

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द्वारका जिला के एंटी नारकोटिक्स सेल ने इस सनसनीखेज हत्याकांड से पर्दा उठाकर मुख्य साजिशकर्ता, उसकी गर्लफ्रेंड समेत कुल चार आरोपियों को दबोचा है। पुलिस नीरज नामक फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से पीड़ित की कार, कुछ जेवरात व अन्य सामान बरामद किया है।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुख्य आरोपी हांसी, हिसार, हरियाणा निवासी हैप्पी उर्फ सूरज (29), इसकी गर्लफ्रेंड गांव कापावार, देवरिया, यूपी निवासी राखी राय (21), सोनीपत, हरियाणा निवासी भुपेंद्र (27) और बरहाना, झज्जर, हरियाणा निवासी बलराम (28) के रूप में हुई है। पुलिस इनसे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि 23 फरवरी को दक्षिणपुरी निवासी पवन गुप्ता ने अपने भाई अनरूप गुप्ता की गुमशुदगी द्वारका नॉर्थ थाने में दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि अनरूप गुप्ता राधिका अपार्टमेंट, सेक्टर-14, द्वारका में परिवार से अलग अकेला रहता था। वह छत्तीसगढ़ सदन, द्वारका में अपनी कैंटीन चलाता था।

18 फरवरी से वह गायब है, इसके अलावा उसकी किया सेल्टोस कार भी गायब है। परिवार ने बताया कि अनरूप गुप्ता को सोने के जेवरात पहनने का शौक था। एक समय में वह 25 से 30 तोले के जेवरात पहनकर रखता था। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। लोकल पुलिस के अलावा एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम को जांच में शामिल किया गया।

ऐसे खुला हत्याकांड का राज...
एंटी नारकोटिक्स सेल के इंस्पेक्टर सुभाष चंद व उनकी टीम ने सबसे पहले एनएचएआई से अनरूप की कार की आखिरी लोकेशन का पता करने का प्रयास किया। पता चला कि 19-20 फरवरी की रात को कार यमुना एक्सप्रेस से गुजरी थी। टीम ने फौरन वहां की सीसीटीवी फुटेज प्राप्त की। उसमें पता चला कि कार वृंदावन की ओर गई और कुछ घंटों में नोएडा की ओर वापस आ गई।

इसके बाद टीम ने अनरूप के अपार्टमेंट की फुटेज खंगाली तो पता चला कि 18 फरवरी को उसने घर के बाहर से रैपिडो बाइक बुक की थी। कार को उसने अपार्टमेंट में छोड़ दिया था। पुलिस ने सीडीआर की मदद से रैपिडो चालक का पता लगाया। उसकी मदद से पुलिस बी-ब्लॉक मटियाला की उस लोकेशन पर पहुंची, जहां रैपिडो ने अनरूप को छोड़ा था।

वहां की भी सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर पता चला कि अनरूप एक इमारत में अंदर दाखिल हुआ, लेकिन बाद में वह वापस नहीं आया। अनरूप के अंदर जाते ही पीछे से चार लोग भी अंदर गए। इसके बाद 19 फरवरी को इमारत से एक स्कूटी निकली। इसके बाद अनरूप की कार मटियाला की इमारत के बेसमेंट में दाखिल हुई।
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बाद में कार वृंदावन की ओर चली गई। स्कूटी के रजिस्टर्ड नंबर के आधार पर पता चला कि वह हैप्पी के नाम पर है। बाद में टेक्निकल सर्विलांस की मदद से हैप्पी, भुपेंद्र, राखी और बलराम को दबोच लिया गया। इन लोगों ने लूट के लिए हत्या की बात स्वीकार की। बाद में जमनापार, मथुरा पुलिस की मदद से अनरूप का शव मथुरा से बरामद कर लिया गया।
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