दिल्ली के तिगड़ी इलाके के जूता शोरूम में लगी आग में सोमवार को एक नया मोड़ सामने आया है। छानबीन के बाद अब तक कहा जा रहा था कि आग में जलकर जूता शोरूम मालिक सत्येंद्र उर्फ जिम्मी, उनकी किरायेदार अनीता के अलावा जूता खरीदने आए दो अन्य लोगों की मौत हुई।
इन दोनों के शव इतनी बुरी तरह जले हुए थे कि इनकी पहचान मुश्किल थी। मामले की जांच के दौरान सोमवार को दो नहीं तीन युवकों के परिवार सामने आए। परिवारों का दावा है कि सत्येंद्र के साले के कहने पर तीनों दोस्त डिफेंस कॉलोनी, तीजपुर रोड, नजफगढ़ निवासी रामदीन, मंगलू और महेंद्र सस्ते जूते खरीदने के लिए सत्येंद्र के शोरूम पर आए थे।
शनिवार रात से ही तीनों गायब हैं, इनके मोबाइल भी नहीं मिल रहे। हालांकि पुलिस ने कहा कि शोरूम से सत्येंद्र के शव के अलावा दो ही शव बरामद हुए थे। वहीं पड़ोसियों का दावा है कि आग लगने पर कोई एक युवक वहां से भागा था। यदि तीनों में कोई एक सही सलामत शोरूम से निकल गया तो उसे अपने घर या पुलिस के पास जाना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
वहीं दूसरी ओर पुलिस को शोरूम से सत्येंद्र के मोबाइल के अलावा तीन अन्य फोन भी बरामद हुए हैं। माना जा रहा है कि तीनों मोबाइल नजफगढ़ निवासी तीनों दोस्तों के ही हैं। क्राइम टीम व एफएसएल इसकी पड़ताल कर रही है। जले हुए मोबाइल फोन को कब्जे में लिया है।
मामले की जांच के लिए पुलिस ने सत्येंद्र के चार मंजिला मकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली है। उसकी मदद से पता किया जा रहा कि सत्येंद्र के शोरूम में हादसे पहले कितने लोग और कौन-कौन दाखिल हुए। आग लगने के बाद कौन-कौन उससे निकल पाया। इसकी गहनता से पड़ताल की जा रही।
परिजनों के लेंगे डीएनए सैंपल
मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने कहा कि दोनों जले हुए शव किसके इसका पता लगाने के लिए शवों का डीएनए परीक्षण होगा। सोमवार को सामने आए परिवारों को मंगलवार को डीएनए सैंपल देने के लिए अस्पताल बुलाया गया है। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि शव किस-किसके हैं।
पुलिस ने सीडीआर निकलवाई
पुलिस ने रामदीन, मंगलू और महेंद्र के मोबाइल की सीडीआर भी निकलवाई है। यह पता किया जा रहा कि हादसे के समय और उसके बाद इन मोबाइल की लोकेशन कहां रही। हादसे के बाद तो कहीं कोई मोबाइल फोन एक्टिव नहीं रहा।