नंदग्राम के कृष्णा कुंज में सीवर ठीक कर रहे पांच मजदूरों की एक-एक कर 25 मिनट में जानें चली गईं। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने पांचों लोगों को रस्सी और अन्य संसाधनों के माध्यम से किसी तरह बाहर निकाला और पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची। लोगों ने बताया कि बाइक और स्कूटी से लोगों को अस्पताल ले गए।
(दोपहर 1:15 बजे)
नंदग्राम कृष्णा कुंज में सुनसान माहौल था। यहां पर राजवीर सिंह की दुकान के सामने सीवर में चार मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान एक मजदूर सीवर के अंदर घुसा, पांच मिनट तक वापस नहीं लौटा।
(दोपहर 1:20 बजे)
दूसरे साथी ने देखा और आवाज दी, लेकिन नीचे से कोई आवाज सुनाई नहीं दी। वह साथी को निकालने के लिए 15 से 20 फीट गहरे सीवर में घुस गया। उसने साथी को उठाने की कोशिश की, लेकिन वह भी नीचे वहीं गिर गया। वह भी बाहर नहीं आया।
(दोपहर 1:27 बजे)
तीसरे मजदूर ने दोनों को आवाज दी तो नीचे से फिर कोई आवाज नहीं आई। इस पर वह भी दोनों साथियों को देखने के लिए अंदर घुस गया। वह भी बाहर नहीं आया। फावड़ा से मिट्टी खोद रहे चौथे मजदूर ने तीनों को आवाज दी। देखा कि तीनों अंदर पड़े हुए हैं।
(दोपहर 1:32 बजे)
चौथा मजदूर भी उन्हें देखने और बाहर निकालने के लिए अंदर घुस गया। वह भी बेहोश होकर अंदर ही रह गया। सीवर के सामने दुकान चला रहे राजवीर सिंह ने देखा की चारों अंदर हैं तो उन्होंने ठेकेदार को फोन किया। ठेकेदार का आदमी भी पांच मिनट में वहां पहुंच गया।
(दोपहर 1:40 बजे)
ठेकेदार का आदमी भी चारों को निकालने के लिए अंदर घुस गया और वह भी बाहर नहीं निकला। इसके बाद दुकानदार ने शोर मचाना शुरू किया। आसपास के लोग एकत्रित होने लगे। 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी।
(दोपहर 1:50 बजे)
दुकानदार की आवाज सुनने के बाद वहां स्थानीय लोगों की भीड़ एकत्रित होना शुरू हो गई। लोग भागकर अपने घर से रस्सी, फावड़े व सरिया लेकर आए। इसके बाद सीवर के अंदर से जा रहे सीमेंट के दो पाइप के मुंह को खोला, जिससे सीवर के अंदर गैस बनना बंद हो जाए। उसके बाद लोग अंदर घुसे और पांचों को बाहर निकाला। फिर बाइक से लाकर निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।