फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले तीन बच्चों ने गंवाई जान फिर परिजन भी नहीं लौटे जिंदा, रहस्यमय मौतों से दिल्ली में सनसनी

Sun, 30 Apr 2017 01:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
chhawla
विज्ञापन
दिल्ली के छावला स्थित गोयला गांव की श्यामकुंज कॉलोनी में शनिवार सुबह नाले में कूड़ा बीनने गए तीन बच्चों समेत पांच लोगों की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त शहीदुल (10), सबीकुल (9), नेल्सन अली (8) और हसीदुल (26) व अफसर अली (30) के रूप में हुई है।
विज्ञापन


शुरू में बच्चे नाले में घुसे थे। बच्चों के फंसने की खबर मिलने पर परिजन भी अंदर गए और मौत के मुंह में समा गए। जिला पुलिस पुलिस के मुताबिक सभी की मौत जहरीली गैस से हुई या पानी में डूबने के कारण फिलहाल इसका खुलासा नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पांचों की मौत का पता चल पाएगा।

पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से असम के रहने वाले ये लोग अपने-अपने परिवार के साथ श्यामकुंज कॉलोनी स्थित एक खाली प्लॉट में झुग्गी डालकर रहते थे। सभी का परिवार कूड़ा बीनने का काम करता है।
विज्ञापन

जो भी अंदर गया नहीं आया वापस

शनिवार सुबह 10.00 बजे शहीदुल, सबीकुल व नेल्सन कूड़ा बीनने के लिए मेन रोड नाले में पहुंचे। नाले में अंदर जाने के लिए रास्ता बना हुआ था। तीनों जैसे ही अंदर पहुंचे अचानक शहीदुल व नेल्सन बेहोश हो गए।

सबीकुल भागकर शहीदुल के पिता हसीबुल व मामा अफसर को बुला लाया। शहीदुल, अफसर व सबीकुल टॉर्च लेकर अंदर गए। लेकिन इस बार तीनों वहीं रह गए।

पास में मौजूद लोगों ने जब देखा कि अंदर गया कोई भी शख्स वापस नहीं आया तो मामले की सूचना पुलिस व दमकल विभाग को दी गई और राहत कार्य शुरू कर दिया। नाले की एक स्लैब को तोड़ा गया।

नाले में दम घुटने से मौत की आशंका

इस बीच पीसीआर भी वहां पहुंच गई। लोगों ने पीसीआर कर्मियों की मदद से पांचों घायलों को बालाजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें राव तुलाराम अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां डॉक्टरों ने पांचों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शनिवार दिन में ही पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिए। 

पांचों की मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल लापरवाही का मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही है। -सुरेंद्र कुमार, दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त

शुरुआती जांच के बाद माना जा रहा है कि तीनों मासूम समेत पांच लोगों की मौत जहरीली गैस की चपेट में आकर दम घुटने से हुई। हालांकि अभी मौत के सही कारणों का पता नहीं चल सका है। कुछ लोगों का कहना था कि नाले में अंदर दल-दल बनी हुई थी।

तीन मृतक एक ही परिवार के 

एक-एक कर सभी उसमें फंस गए और उनकी मौत हो गई। वहीं कुछ लोगों का कहना था कि नाले में गांव में बनी डेयरी से भैंसों का गोबर आता है। इस वजह से वहां जहरीली गैस बनने की पूरी संभावना है। वहीं कुछ लोगों ने नाले में डूबकर मौत की भी आशंका जताई है।

श्यामकुंज कॉलोनी हादसे में मौत के मुंह में गए हसीबुल, शहीदुल व अफसर एक ही परिवार के थे। तीनों की मौत के बाद परिवार में मातम का माहौल है। हादसे में एक बार तो सबीकुल बचकर बाहर आ गया था।

वही हसीबुल व अफसर को बुलाकर नाले में ले गया। उसने ही दोनों को नाले में वह जगह दिखाई जहां शहीदुल व नेल्सन गिर पड़े थे। लेकिन सबीकुल भी उसी जगह हादसे का शिकार हो गया और उसकी भी मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ सालों पूर्व परिवार ने खाली प्लॉट में आकर रहना शुरू किया था।
विज्ञापन

स्थानीय लोगों ने हसीबुल व अफसर को रोका था 

घटनास्थल पर मौजूद एक शख्स ने बताया कि शहीदुल व नेल्सन के अंदर बेहोश होते ही एक बच्चा चिल्लाता हुआ बाहर आया था। इसके कुछ ही देर बाद वहां अंदर मौजूद बच्चे के पिता व मामा टॉर्च लेकर पहुंच गए। लोगों ने दोनों को अंदर जाने से रोका, लेकिन वह नही माने और अंदर चले गए।

जब तीनों अंदर से वापस नहीं आए तो वहां हल्ला मच गया। मामले की सूचना पुलिस व दमकल विभाग को दी गई। करीब आधे घंटे बाद किसी तरह नाले की स्लैब को तोड़ा गया और शवों को बाहर निकाला गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें