नई दिल्ली। दिल्ली की जेलों में रंगदारी और रिश्वतखोरी के कथित रैकेट के मामले में राउज एवेन्यू स्थित विशेष एसीबी अदालत ने पांच आरोपी को 31 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इनमें रोहिणी जेल के तीन अधिकारी, एक अधिवक्ता और एक निजी व्यक्ति शामिल हैं।
विशेष एसीबी न्यायाधीश विद्या प्रकाश की अदालत ने रोहिणी जेल के सहायक अधीक्षक सुनील कुमार, हेड वार्डर योगेश, वार्डर जगबीर, बागपत निवासी अधिवक्ता हरेंद्र बंसल और दिल्ली निवासी विप्लव खारी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
अदालत ने कहा कि मामला गंभीर है और आरोपियों के पद को देखते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करने से जांच प्रभावित होने की आशंका हो सकती है। अदालत ने यह भी माना कि रिहाई की स्थिति में सबूतों से छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच एजेंसी का आरोप है कि दिल्ली की जेलों में बंद कैदियों से रंगदारी और रिश्वत वसूली का संगठित नेटवर्क चलाया जा रहा था। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। ब्यूरो