सूबे में अब 15 साल पुराने फिट कंडीशन वाले वाहन ही चल सकेंगे। खटारा हालत वाहनों का संचालन बंद किया जाएगा। फिट वाहन भी दिल्ली व आसपास के प्रदेशों में नहीं जा सकेंगे। परिवहन विभाग ने 15 साल पुराने सभी घरेलू वाहनों की आरसी सस्पेंड कर दी है।
अब इनको नए सिरे से आरसी लेकर ही चलने की अनुमति मिल सकेगी। 15 साल पुराने सभी घरेलू वाहनों की फिटनेस कराई जाएगी। इसकी चपेट में मंडल के करीब पांच लाख वाहन आ गए हैं। गाजियाबाद के 85 हजार, बुलंदशहर के सवा लाख और हापुड़ के 30 हजार वाहन नए आदेश की चपेट में हैं।
ग्रीन ट्रिब्युनल ने एनसीआर में 15 साल पुराने वाहनों के संचालन पर रोक लगाई थी। यूपी ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने फिलहाल एनसीआर में पुराने वाहनों के संचालन का निर्णय लिया है। एनजीटी के आदेशों को अब नए तरीकेसे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। इसकेसाथ ही नए आदेश केवल एनसीआर पर लागू होने की बजाय पूरे प्रदेश में प्रभावी होंगे।
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के 13 मार्च के आदेश बुधवार को सभी आरटीओ को मिल गए। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के आदेशानुसार अब केवल वहीं पुराने वाहन चलेंगे, जिनकी कंडीशन अच्छी होगी।
पुराने वाहन मालिकों को अपने वाहनों को आरटीओ/एआरटीओ ऑफिसों में फिटनेस करानी होगी। यदि पुराना वाहन सही कंडीशन में है तो उसको फिटनेस सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
इसके बाद पुराने जमा टैक्स का 10 फीसदी टैक्स लेकर पांच साल के लिए दूसरी आरसी जारी कर दी जाएगी। 20 साल पुराने वाहनों का संचालन किसी हालात में नहीं हो सकेगा।