देश में पहली बार आयोजित होने वाले फीफा अंडर-17 फुटबॉल वर्ल्डकप में दिल्ली सरकार ने पार्टनर बनने के लिए सैद्धांतिक सहमति जता दी है।
अगस्त-सितंबर 2017 में इसका आयोजन देश में हो रहा है। इसमें दिल्ली समेत छह राज्यों में मैच आयोजित होंगे। कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद पहली बार इतने बड़े टूर्नामेंट में दिल्ली सरकार भागीदार बनेगी।
दिल्ली सरकार और फीफा ने फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए एक दूसरे का सहयोग देने का वादा किया है।
मुख्यमंत्री ने जताई सहमति
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से फीफा यू-17 वर्ल्डकप के टूर्नामेंट डायरेक्टर जेवियर सेप्पी, फीफा यू-17 वर्ल्डकप इंडिया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर जॉय भट्टाचार्य और एआईएफएफ के महासचिव कौशल दास ने मुलाकात की।
प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली सरकार से मैच आयोजन के लिए दो स्टेडियम मांगे, इस पर मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ने सहमति जता दी। दोनो स्टेडियम में मैच होने से पहले इसे फीफा स्तर के लायक विकसित किया जाएगा।
प्रतिनिधि मंडल से सिसोदिया ने कहा कि हम फुटबॉल के अच्छे खिलाड़ी पैदा करने के अलावा स्कूलों में अच्छे मैदान और फुटबॉल के प्रति प्रेम पैदा करना चाहते हैं।
वर्ल्डकप के आयोजन से फुटबॉल को बढ़ावा मिलेगा
हम सिर्फ टूर्नामेंट के लिए हाथ नहीं मिला रहे हैं बल्कि युवाओं में खेल संस्कृति विकसित करने में भी सहयोग चाहते हैं। उन्होंने फुटबॉल फेडरेशन से भी स्कूलों में खेल विकास के लिए मदद मांगी।
सरकार चाहती है कि शिक्षा और खेल का स्कूल में मिश्रण हो। प्रतिनिधि मंडल ने कहा है कि फीफा यू-17 वर्ल्डकप के आयोजन से फुटबॉल को बढ़ावा मिलेगा।
युवाओं को आकर्षित करने के लिए टूर्नामेंट के दौरान और बाद में कई कदम उठाएंगे। स्कूलों में भी प्रमोशन किया जाएगा।