भारतीय रेलवे की तस्वीर अब बदलने वाली है। विदेशी तर्ज पर मेक इन इंडिया की हाई स्पीड ट्रेन का आनंद जल्द ही यात्रियों को मिलेगा। देश की पहली हाई स्पीड ट्रेन सेट तैयार होने के अंतिम चरण में है। चेन्नई रेल कोच फैक्ट्री में तैयार हो रहे इस ट्रेन सेट को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। यह दिल्ली से भोपाल के बीच चलेगी और अगले महीने से ट्रायल रन शुरू हो जाएगा। प्लेटफार्म को छोड़ते ही यह ट्रेन चंद सेकेंड में ही 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार की गति से चलने में सक्षम है।
इस ट्रेन की खास बात यह है कि यह सेल्फ प्रोपेल्ड (स्वनोदित) बिना इंजन के दौड़ने वाली ट्रेन है। फिलहाल इसे शताब्दी ट्रेन की तरह चेयरयान वाला बनाया गया है, जल्द ही स्लीपर कोच वाला ट्रेन सेट भी तैयार की जाएगी। 16 कोच वाली इस ट्रेन में दो एग्जीक्यूटिव क्लास होंगे। एक कोच में 56 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। 14 इकोनोमी क्लास वाली कोच होंगे। इस तरह के कोच में 78 यात्री बैठकर यात्रा कर सकेंगे। इस ट्रेन में फर्स्ट क्लास व सेकेंड क्लास कोच भी होंगे। एक ट्रेन सेट के सवारी डिब्बों की लागत करीब 6 करोड़ रुपया है।
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने बताया कि रेल यात्रा के लिहाज से एक क्रांतिकारी बदलाव होगा। इस ट्रेन को खास एल्यूमिनियम से बनाया गया है। लिहाजा ट्रेन वजन में हल्की होगी। ब्रेक भी आसानी से लगेगी। ट्रायल सफल होने के बाद इसे शताब्दी ट्रेनों की जगह चलाने की तैयारी है।