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Delhi: नए कानून के तहत दिल्ली में रेहड़ी वाले के खिलाफ हुई पहली FIR, बाद में करनी पड़ी खारिज; जानें पूरा मामला

Tue, 02 Jul 2024 12:59 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि दिल्ली में रेहड़ी वाले के खिलाफ दर्ज मामले को समीक्षा करने के बाद दिल्ली पुलिस ने खारिज कर दिया। 
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police demo - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तीनों नए कानून सोमवार से लागू होने के बाद मध्य दिल्ली के कमला मार्केट इलाके में दिल्ली पुलिस ने सार्वजनिक मार्ग को बाधित करने के मामले में एक रेहड़ी वाले युवक के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज की। दावा किया गया कि देशभर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत यह पहली एफआईआर दर्ज की गई है। सोमवार दिन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया कि दिल्ली में दर्ज एफआईआर पहली नहीं है। दिल्ली में दर्ज एफआईआर को समीक्षा करने के बाद खारिज कर दिया गया है। हालांकि एफआईआर खारिज करने की वजह पर दिल्ली पुलिस चुप्पी साध रखी है।

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पुलिस के मुताबिक, पहले मामला बीएनएस की धारा 285 के तहत किया गया। पहले आईपीसी में धारा 283 के तहत आता था। इसके तहत जो कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक आवाजाही में बाधा उत्पन्न करेगा, जिससे किसी व्यक्ति को खतरा हो और उसे चोट पहुंचे। ऐसे मामले में उसे पांच हजार रुपये तक का जुर्माना अदा करना होगा।

कमला मार्केट थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर कार्तिक मीणा ने बताया कि वह हवलदार दीपक के साथ सोमवार देर रात 12.15 बजे गश्त कर रहे थे। इस बीच वह पेट्रोलिंग करते हुए डीलक्स शौचालय, ओवरब्रिज नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास पहुंचे। यहां पर एक युवक रेहड़ी पर बीड़ी, सिगरेट और पानी बेच रहा था।

इसकी वजह से लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही थी। एसआई ने कई बार रेहड़ी वाले से उसे हटाने के लिए कहा, लेकिन उसने अनसुना कर दिया। इसके बाद एसआई ने कार्रवाई का मन बनाकर चार-पांच लोगों से तफ्तीश में शामिल होने के लिए कहा जो मजबूरी बताकर वहां से चले गए।

बाद में एसआई ने ई-प्रमाण एप्लीकेशन पर मौके का वीडियो बनाया। युवक से पूछताछ करने के बाद उसकी पहचान पटना, बिहार निवासी पंकज कुमार (23) के रूप में हुई। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 285 के तहत रात 1.30 बजे मामला दर्ज कर लिया गया।
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केंद्रीय गृहमंत्री ने एफआईआर खारिज करने की जानकारी दी
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि दिल्ली में रेहड़ी वाले के खिलाफ दर्ज मामले को समीक्षा करने के बाद दिल्ली पुलिस ने खारिज कर दिया। गृहमंत्री ने बताया कि इस तरह के मामलों को खारिज करने का अधिकार पहले से दिल्ली पुलिस के पास है। पहले आईपीसी में भी इसका प्रावधान था।

पुलिस के पास एफआईआर रद्द करने का अधिकार नहीं
दिल्ली पुलिस ने जल्दबाजी के चक्कर में एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन उसको खारिज करने की क्यों जरूरत पड़ी, इसको लेकर दिल्ली पुलिस का कोई भी अधिकारी बोलने के लिए तैयार नहीं है। इसको लेकर भी संशय बना रहा कि क्या दिल्ली पुलिस अब एफआईआर को खुद को खारिज कर सकती है। जानकारों का कहना है कि एक बार एफआईआर दर्ज करने के बाद उसे खारिज करने का अधिकार दिल्ली पुलिस के पास नहीं है। अब दिल्ली पुलिस को कोर्ट जाकर इसको खारिज करवाना होगा। एफआईआर खारिज करने के कारण बताने के बाद मजिस्ट्रेट या जज उसको खारिज करने की अनुमति देगा तब ही एफआईआर खारिज होगी। दिल्ली पुलिस ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बाहरी जिले में पांच मामले दर्ज
बाहरी जिला पुलिस ने नए कानून के तहत पांच मामले दर्ज किए हैं। इसमें निहाल विहार इलाके में सड़क हादसा, मंगोलपुरी थाने में अतिक्रमण और सुल्तानपुरी, रानीबाग, राजपार्क में चोरी के मामले दर्ज किए है। बाहरी जिला के पुलिस उपायुक्त जिम्मी चिराम ने बताया कि निहाल विहार इलाके में रविवार देर रात एक बजे नानक विहार के सामने गंदा नाला रोड पर एक सड़क हादसा होने की सूचना मिली थी। घायल को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाइक सवार को अज्ञात वाहन ने टक्कर कर दी थी। वहीं, दूसरे मामले में मंगोलपुरी थाना पुलिस ने बताया कि ऑटो पार्ट बेचने वाले ने सड़क पर अतिक्रमण कर रखा था। इसके अलावा सुल्तानपुरी, रानीबाग, राजपार्क में घरों के अंदर चोरी के मामले दर्ज किए हैं। 
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