दरअसल, दिल्ली में ईवी पाॅलिसी 7 अगस्त 2020 को लागू हुई की गई। यह तीन साल के लिए वैध थी। समय बीतने के साथ इसकी अवधि चार महीने के लिए बढ़ा दी गई। अब यह 31 दिसंबर को खत्म हो रही है। इन तीन सालों में ई-वाहनों के लिए सरकार ने जमीन तैयार कर दी है। इस बीच चार्जिंग स्टेशनों समेत दूसरी बुनियादी सुविधाओं का विकास हुआ है। इसी क्रम में ई-वाहनों की संख्या बढ़ी है। दिल्ली में कुल वाहन बिक्री के प्रतिशत के रूप में कुल ई-वाहनों की बिक्री लगभग तीन गुना बढ़ गई है। अगस्त 2023 में हर सौ वाहन की बिक्री में औसत 12 ई-वाहन थे। वहीं, 2022 में ईवी की बिक्री में 2021 की तुलना में 2.5 गुना वृद्धि हुई। बीते साल 62,241 ईवी पंजीकृत हुए। अधिकारी बताते हैं कि देशभर के ई-वाहनों में दिल्ली की पहुंच 10.24 प्रतिशत थी। जबकि दूसरे राज्यों में यह हिस्सा कम है।
चार्जिंग प्वाइंट की सुविधा
ई-वाहन को चार्ज करने के लिए दिल्ली में विभिन्न जगहों पर 4759 चार्जिंग प्वाइंट लगे हैं। साथ ही, 318 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन भी बनाए गए हैं। इसे वर्तमान में संचालित ईवी पॉलिसी 2020 के दौरान बनाया गया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है नई पॉलिसी में चार्जिंग प्वाइंट और बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। दूसरे चरण की सुविधाएं नए साल से मिलने लगेंगी।