कलश स्थापना और हवन के साथ शनिवार को शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो गए। मंदिरों और घरों में मंत्रोच्चारण के बीच मां दुर्गा का आह्वान किया गया। पहले दिन मां के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा अर्चना की गई। मंदिरों में मां की अखंड ज्योत जलाकर दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू किया गया।
पहले दिन शहर के सभी मंदिरों में मां के दर्शन को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भजनों और 'जय माता दीÓ के उद्घोष से मंदिर गूंज उठे। पहले दिन मंदिरों में मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना विधि विधान के साथ की गई। मंदिरों को गुब्बारे एवं विभिन्न तरह से आकर्षक साजसज्जा की गई।
महारानी वैष्णव देवी मंदिर में प्रचंड ज्येति की गई। इस मौके पर प्रधान सेवक जगदीश भाटिया, महासचिव इंद्रजीत ङ्क्षसह सब्बरवाल, गिरीराज दत्त गौड़ मौजूद रहे। सिद्धपीठ महाकाली मंदिर में माता की चौकी का कार्यक्रम हुआ।
मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना में धूनी आरती की गई। प्रधान राकेश कुमार ने बताया कि इस नवरात्रि में माता की चौकी, जागरण, महाकाल यज्ञ का आयोजन के साथ दुर्गा माता की विशेष आरती की जाएगी। सूरजकुंड स्थित लक्ष्मी नारायण दिव्यधाम में नवरात्र के पहले दिन विधि विधान से देवी की आराधना हुई।
सेक्टर-29 स्थित हरियाणा काली मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना की गई।तीन नंबर स्थित दुर्गा मंदिर, एचएच पांच स्थित दुर्गा मंदिर, जवाहर कलोनी स्थित जगदंबा मंदिर, ओल्ड फरीदाबाद पथवारी मंदिर सहित शहर भर के मंदिरों में लोगों ने मां भगवती की पूजा की।