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दिल्ली: एम्स में फिर लगी आग, लैब जली, वार्डों में मची भगदड़

Sat, 01 Feb 2020 06:05 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एम्स दिल्ली - फोटो : ANI
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई है। शनिवार की शाम सीएन सेंटर के भूतल स्थित लैब में आग लगने की वजह से मरीजों में भगदड़ मच गई। आनन फानन में मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया। देर रात तक बचाव कार्य जारी थे। इस घटना में फिलहाल ज्यादा नुकसान होने की जानकारी नहीं है। पिछले वर्ष भी दो बार एम्स में अलग अलग जगहों पर आग लगी थी जिसमें भारी नुकसान प्रबंधन को उठाना पड़ा था। 

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प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब पांच बजे एम्स के सीएन सेंटर के भूतल पर स्थित लैब में अचानक से आग लग गई। छुट्टी का दिन होने के कारण लैब बंद थी और कमरे के नीचे से धुआं बाहर आते देख सुरक्षा गार्डों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू कर दिए। मौके पर पहुंची करीब आठ दमकल की गाडियों ने आग पर काबू पाया।

इस दौरान आग की वजह से धुआं काफी तेजी से पूरे भूतल पर फैल गया। यहां दो वार्ड और एक सीसीयू होने के कारण मरीजों को तत्काल दूसरे वार्डों में शिफ्ट करना पड़ा। आग पर काबू पाने के बाद देर रात तक लैब और वार्डों की सफाई का काम जारी था। एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि देर रात मरीजों को वापस वार्ड में लाया जा रहा है। रविवार सुबह तक हालात सामान्य हो जाएंगे। 
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उन्होंने कहा कि पिछले कई सप्ताह से एम्स प्रबंधन की ओर से आग की घटनाओं को देखते हुए मॉक ड्रिल किए जा रहे हैं। इसी के चलते समय रहते आग की जानकारी प्रबंधन तक मिली और बगैर किसी बड़े नुकसान के आग पर काबू पा लिया गया। 

उधर, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग काफी देर तक लगी रही और पूरे परिसर में भागमभाग देखने को मिली। मरीज और उनके तिमारदार भी काफी घबराए मिले। तिमारदार अंकित ने बताया कि शनिवार शाम वेटिंग हॉल में थे तभी आग लगने का हल्ला मच गया। उस वक्त थोड़ी आग थी, लेकिन कुछ ही देर में आग बढ़ गई। सीएन टॉवर के निचले भाग में आग लगी थी। आग लगने के 15 मिनट बाद दमकल वाहन पहुंचे थे। पाइपों में पानी नहीं था। एम्स के सुरक्षा गार्डों ने समय रहते आग पर काबू पाने का प्रयास किया तो आग बुझ भी गई। 

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...तो हो सकता है बड़ा नुकसान

देर रात तक लैब और वार्डों में सफाई का काम चल रहा था। इसलिए घटना की वजह और नुकसान के बारे में जानकारी नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह निरीक्षण के बाद ही पता चलेगा कि घटना में कितना नुकसान हुआ है। चूंकि लैब में करोड़ों रुपये की मशीनें भी लगी हुई हैं। पानी जाने से इन मशीनों पर क्या असर हुआ है? इसके बारे में भी तभी पता चल सकेगा। 

आग पर आग, जिम्मेदार बेपरवाह
एम्स में आग लगने की घटना नई नहीं है। पिछले वर्ष 17 अगस्त को एम्स में भीषण आग लगने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। इसके बाद आज तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई। इससे पहले मार्च 2019 में एम्स के ट्रामा सेंटर में आग लगने से पांच ऑपरेशन थियेटर जल गए थे।

इस घटना में भी प्रबंधन ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। इन दोनों ही घटनाओं के बाद औचक निरीक्षण, विभागों को गाइडलाइन इत्यादि जारी करने जैसे तर्क ही एम्स प्रबंधन देता रहा। जिम्मेदारों पर कार्रवाई को लेकर एम्स प्रबंधन अभी भी खामोश है। इन दो बड़ी आग के अलावा भी पिछले दो वर्ष के भीतर पांच शॉर्ट सर्किट की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। 
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