सोसायटी निवासी काजल अग्रवाल और सुधा पांडे ने बताया कि आग दूसरे मंजिल से शुरू होकर पांचवीं मंजिल तक पहुंच गई थी। जब सोसायटी के अग्निशमन यंत्र को आग बुझाने के लिए लोग लेने गए तो सभी सिलिंडर खाली पड़े थे। पाइपलाइन में भी पानी खत्म था। सोसायटी की निवासी हेमा के घर से एक सिलिंडर मिला जिसका इस्तेमाल किया गया। अलका ने बताया कि शाम को बड़ी संख्या में निवासी पदाधिकारियों के घर पहुंचे और जवाब मांगा। अध्यक्ष घर से बाहर नहीं निकली।
स्थानीय निवासी शालू पांडेय ने बताया कि आग अगर रात में लगती तो बड़ा नुकसान हो जाता। दिन में सभी लोग एकत्र हो गए इसलिए आग बुझा लिया गया। आग से बचाव के कोई इंतजाम सोसायटी में नहीं हैं। कई शिकायतों के बाद भी पदाधिकारी निवासियों की समस्या नहीं सुनते हैं। वहीं स्थानीय निवासी मीनाक्षी का कहना है कि पदाधिकारियों का घेराव किया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह रविवार को पांच बजे शाम को निवासियों के साथ बैठक करेंगे। अगर हमारी समस्या का समाधान नहीं होगा तो हम इस आरडब्ल्यूए का बहिष्कार करेंगे।