सीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि लगभग तीन बजे आग लगने की सूचना पर दमकलकर्मी मौके पर पहुंच गए। आग पर काबू पाने के बाद आईजीएल कर्मचारियों को बुलाकर गैस पाइप पूरी तरह बंद करा दिया गया। जांच में पता चला कि आईजीएल कंपनी को जानकारी दिए बिना यहां खुदाई काम चल रहा था। इससे पाइप लाइप फट गई तो रेहड़ी विक्रेता और आसपास खड़े लोग तुरंत दूर हट गए। यदि ऐसा न होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
हालंकि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और केवल एक बाइक जली है। इस मामले की जांच कराई जा रही है और आईजीएल की ओर से संबंधित कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई करने की तैयारी है। उधर, आईजीएल को भी पत्र लिखकर जहां से पाइप लाइन जा रही है वहां पर कुछ पत्थर आदि टूट गए हैं। इससे पाइपलाइन के निशान खत्म हो गए है। इनको पुन: लगवाने के लिए कहा जाएगा।